जिले में रोजगार सह आवास दिवस के माध्यम से महात्मा गांधी नरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के क्रियान्वयन में पारदर्शिता व जवाबदेही को मजबूती दी जा रही है। इस अवसर पर ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उन्हें क्यूआर कोड स्कैन कर गांव में विगत वर्षों में हुए निर्माण कार्यों की पूरी जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई गई। इससे अब किसी भी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
कार्यक्रम में आजीविका डबरी, कूप निर्माण, पशु शेड, वृक्षारोपण जैसे कार्यों से रोजगार और आय संवर्धन की जानकारी दी गई। डबरी निर्माण से रोजगार के साथ-साथ मत्स्य पालन और सब्जी उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आमदनी के अवसर मिलने की बात कही गई।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक माह 7 तारीख को रोजगार सह आवास दिवस आयोजित कर ग्रामीणों को योजनाओं से जुड़े अधिकार, स्वीकृत आवासों, किश्त भुगतान, मनरेगा मजदूरी और विभिन्न विभागों के अभिसरण से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (विकसित भारत जी-राम-जी) के तहत 125 दिनों के रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान और मांग आधारित कार्यों की जानकारी दी गई। साथ ही युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए वैज्ञानिक पद्धति से कार्य चयन, लेबर बजट तैयार करने और जल संरक्षण जैसे रोजगारपरक कार्यों को प्राथमिकता देने पर ग्रामीणों के साथ व्यापक चर्चा की गई।