छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के उरमाल गांव में 8 जनवरी को आयोजित एक अश्लील डांस कार्यक्रम ने न केवल स्थानीय मर्यादाओं को तार-तार किया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में ओड़िसा की चर्चित डांसर सुचित्रा जेना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि, उसे धर्मसाला थाना, जिला जजपुर (ओड़िसा) में पेश कर निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्यक्रम सार्वजनिक स्थान पर खुलेआम अश्लीलता फैलाने वाला था। सुचित्रा जेना को आयोजकों के खिलाफ दर्ज FIR में सह-आरोपी बनाया गया है। उस पर धारा 296 एवं 3-5 बी.एन.एस. के तहत कार्रवाई की गई है।
विवाद यहीं नहीं थमा…
9 जनवरी को हुए एक और शर्मनाक कार्यक्रम में शामिल डांसर निशा महाराणा अब तक फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि निशा महाराणा ने कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भीड़ जुटाने की अपील की थी, जो अब जांच एजेंसियों के लिए अहम सबूत बन गया है।
सबसे बड़ा सवाल – मंच पर SDM की मौजूदगी
इस पूरे प्रकरण ने तब और तूल पकड़ लिया जब कार्यक्रम में एक SDM को डांस करते हुए देखा गया। SDM का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक ओर जहां आम नागरिकों पर कानून का शिकंजा कसने की बात होती है, वहीं एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी की इस तरह की भूमिका ने शासन-प्रशासन की साख को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
पुलिस की सफाई
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि
“कानून के अनुसार सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।”
बड़ी सवाल
यह मामला अब केवल एक गांव या जिले तक सीमित नहीं रहा।
क्या अश्लीलता के आयोजनों को प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है।
क्या वीडियो वायरल होने के बाद ही कार्रवाई होती है।
और क्या जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर भी समान कानून लागू होगा।
उरमाल गांव की यह घटना छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश में प्रशासनिक जवाबदेही और सामाजिक नैतिकता पर बड़ा सवाल बनकर उभरी है।