जिले में धान खरीदी व्यवस्था लगातार भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती जा रही है। चारभाटा बाजार धान संग्रहण केंद्र और कुकदुर धान खरीदी केंद्र में करोड़ों के घोटालों के बाद अब पंडरिया विकासखंड के पेंड्रीकला धान खरीदी केंद्र से एक और गंभीर अनियमितता सामने आई है।
प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ है कि पेंड्रीकला धान खरीदी केंद्र से 2272 क्विंटल धान गायब है, जिसकी कीमत 73 लाख 49 हजार 920 रुपये बताई जा रही है। इस मामले में खरीद प्रभारी विवेक चंद्रकार के खिलाफ कुंडा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
यह शिकायत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव के शाखा प्रबंधक राजेंद्र कुमार दहिरे द्वारा कुंडा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया।
भौतिक सत्यापन में खुली पोल
कबीरधाम कलेक्टर (खाद्य शाखा) के आदेश पर गठित संयुक्त जांच दल ने 12 जनवरी 2026 को सेवा सहकारी समिति मर्यादित पेंड्रीकला के अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्र का भौतिक सत्यापन किया।
जांच में पाया गया कि केंद्र में कुल 23,319.20 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी। इसमें से 3,880 क्विंटल धान का उठाव हो चुका था। इस आधार पर केंद्र में 19,439.20 क्विंटल धान होना चाहिए था, लेकिन मौके पर मात्र 17,167.20 क्विंटल धान ही पाया गया।
इस तरह साफ तौर पर 2272 क्विंटल धान की कमी उजागर हुई। इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म पर 568 बोरी धान अतिरिक्त मिलने से पूरे स्टॉक प्रबंधन पर गंभीर संदेह और गहरा गया है।
खरीद प्रभारी पर सीधी जिम्मेदारी
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 19 नवंबर से 27 नवंबर 2025 तक धान खरीदी का कार्य पर्यवेक्षक के अधीन था। इसके बाद 29 नवंबर 2025 को संपूर्ण स्टॉक विवेक चंद्रकार को सौंपा गया।
28 नवंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी और परिवहन की पूरी जिम्मेदारी विवेक चंद्रकार के पास रही और इसी अवधि में भारी मात्रा में धान गायब पाया गया। रिपोर्ट में इसे धान खरीदी नीति का उल्लंघन, सरकारी संपत्ति में हेराफेरी, विश्वासघात और जालसाजी बताया गया है।
व्यवस्था पर सवाल, कार्रवाई पर नजर
लगातार उजागर हो रहे धान घोटाले यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि जिले की धान खरीदी व्यवस्था किसके संरक्षण में चल रही है।
अब देखना होगा कि
फरार आरोपी कब तक पुलिस की पकड़ में आता है,
क्या जांच केवल खरीद प्रभारी तक सीमित रहेगी,
या फिर पूरे तंत्र में फैले भ्रष्टाचार की परतें भी खोली जाएंगी।
फिलहाल, पेंड्रीकला धान खरीदी केंद्र का यह मामला जिले में सामने आए धान घोटालों की कड़ी में एक और गंभीर और शर्मनाक अध्याय बन चुका है।