कबीरधाम जिले के कवर्धा शहर अंतर्गत मजगांव क्षेत्र में सामने आया अनैतिक गतिविधियों का मामला अब सामाजिक बदनामी और पेशागत विश्वासघात का गंभीर उदाहरण बनता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण को लेकर नामदेव समाज, जिला कबीरधाम ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे समाज, पत्रकारिता और कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है।
समाज के अनुसार मजगांव निवासी अमिताभ नामदेव, जो स्वयं को पत्रकार बताते हुए “नामदेव समाज, जिला कबीरधाम” का अध्यक्ष होने का दावा करता है, के मकान में पुलिस कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाले और आपत्तिजनक तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि उक्त मकान में छोटे-छोटे कमरे बनाकर ₹500 प्रति घंटा के हिसाब से युवक-युवतियों को उपलब्ध कराए जा रहे थे, जहाँ खुलेआम अनैतिक गतिविधियाँ संचालित हो रही थीं।
नामदेव समाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आरोपी का अखिल भारतीय नामदेव क्षत्रिय महासभा से कोई लेना-देना नहीं है। समाज के अनुसार केवल अपने परिवारजनों के नाम पर अलग रजिस्ट्रेशन कराकर एक निजी और फर्जी संगठन खड़ा कर स्वयं को समाज का अध्यक्ष घोषित करना न केवल भ्रामक है, बल्कि पूरे समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है। कबीरधाम जिले के नामदेव समाज के किसी भी स्वजातीय बंधु की इस तथाकथित संगठन में कोई सहभागिता नहीं है।
समाज ने दो टूक कहा कि अनैतिक गतिविधियों से उसका कोई संबंध नहीं है और ऐसे कृत्य समाज को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होते हैं। पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे के नाम का दुरुपयोग कर अवैध धंधा चलाना लोकतंत्र और सामाजिक मूल्यों के लिए खतरनाक संकेत है।
नामदेव समाज ने प्रशासन से मांग की है कि भले ही जिला कबीरधाम में पीटा (अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम) लागू न हो, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर BNSS की धारा 170 सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही समाज और पत्रकारिता के नाम का दुरुपयोग करने वाले ऐसे व्यक्तियों पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सामाजिक पहचान या पेशे की आड़ लेकर इस तरह के घिनौने कृत्य न कर सके।
समाज ने यह भी मांग की है कि अनैतिक गतिविधियों में प्रयुक्त भवन के विरुद्ध नगर पालिका और प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे स्पष्ट संदेश जाए कि कवर्धा में कानून और सामाजिक मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
नामदेव समाज ने विश्वास जताया है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को हल्के में न लेते हुए निष्पक्ष, कठोर और उदाहरणात्मक निर्णय लेगा, ताकि समाजहित, सार्वजनिक नैतिकता और कानून-व्यवस्था बनी रहे।