मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 272 जोड़े परिणय-सूत्र में बंधे, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का वर्चुअल आशीर्वाद, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बने बेटियों के अभिभावक
छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक न्याय, समरसता और बेटियों के सम्मान का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। इसी क्रम में कबीरधाम जिले के सरदार पटेल मैदान में मंगलवार को आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 272 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक रीति-रिवाजों और उल्लासपूर्ण वातावरण में विवाह बंधन में बंधे।
इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखी, समृद्ध और सफल दांपत्य जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही है और बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता करते हुए नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि समाज में समानता, सामूहिक जिम्मेदारी और संवेदनशील शासन का प्रतीक है। शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि एवं गृहस्थी सामग्री प्रदान की गई।
समारोह में पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि यह आयोजन कबीरधाम जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि इस योजना ने बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों की वर्षों पुरानी चिंता को कम किया है और समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत किया है।
272 दुल्हों की सामूहिक बारात, बेटियों की ओर से हुआ स्वागत
इस आयोजन की विशेष आकर्षण रही 272 दुल्हों की सामूहिक बारात, जो कवर्धा शहर की पुरानी मंडी से बैंड, डीजे और आतिशबाजी के साथ निकाली गई।
महामाया मंदिर के पास उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने बेटियों की ओर से अभिभावक बनकर दूल्हों एवं वर पक्ष का स्वागत किया।
डंडा खेल से सजी छत्तीसगढ़ी संस्कृति
सामूहिक विवाह के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की भी सुंदर झलक देखने को मिली। बरातियों का स्वागत पारंपरिक ‘डंडा खेल’ के माध्यम से किया गया, जिसने समारोह को सांस्कृतिक गरिमा और लोकपरंपरा से जोड़ दिया।
सामाजिक सहभागिता की मिसाल
इस अवसर पर जिला पंचायत, जनपद पंचायत, नगर पालिका एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा कि जिला पंचायत सभापति श्रीमती दीपा पप्पू धुर्वे ने भी अपने पुत्र का विवाह इसी सामूहिक विवाह समारोह में संपन्न कराकर सामाजिक समानता और विश्वास का संदेश दिया।