प्रमुख आस्था केंद्र गिरौदपुरी धाम स्थित मंदिर परिसर के आसपास शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास लगी करीब 10 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में कपड़े, साड़ी और लकड़ी से निर्मित दुकानें धू-धू कर जलने लगीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ट्रांसफार्मर पर एक बंदर के कूदने से डीओ (ड्रॉप आउट फ्यूज) उड़ गया, जिससे चिंगारी निकली और आग भड़क उठी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी गिरौदपुरी की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अश्वनी पडवार के नेतृत्व में पुलिस स्टाफ ने बिना समय गंवाए स्थानीय नागरिकों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। फायर ब्रिगेड के पहुंचने में दूरी के कारण विलंब संभावित था और आशंका थी कि आग मंदिर परिसर तक पहुंच सकती है।
ऐसी स्थिति में पुलिस जवानों और ग्रामीणों ने बाल्टी, बर्तन व अन्य संसाधनों से पानी डालकर आग को फैलने से रोका। पुलिस की तत्परता और साहस से आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया। बाद में फायर ब्रिगेड वाहन के पहुंचने पर आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।
इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन दुकानों में रखे सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस द्वारा प्रभावित दुकानदारों का नुकसानी पंचनामा तैयार किया जा रहा है।





