महिला आरक्षण को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जारी बहस के बीच कवर्धा में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रेसवार्ता प्रभारी एवं डोंगरगढ़ विधायक हर्षित स्वामी बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक जनता को गुमराह कर रहे हैं और भाजपा महिला आरक्षण को लेकर झूठा नैरेटिव गढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (128वां संविधान संशोधन) सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कानून अस्तित्व में है तो उसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि विपक्ष पर दोष मढ़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में पेश 131वां संविधान संशोधन विधेयक महिला आरक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रयास था। उनके अनुसार लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव—जिसमें 815 राज्य और 35 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए—राजनीतिक गणित साधने की कवायद है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को “मुखौटा” बनाकर सीटों के पुनर्विन्यास का रास्ता तैयार किया जा रहा है।
हर्षित स्वामी बघेल ने कहा कि परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की चर्चा हो रही है, जबकि केंद्र सरकार स्वयं 2026-27 में नई जनगणना और जातीय जनगणना की बात कर रही है। पुराने आंकड़ों पर जल्दबाजी में निर्णय लेने की मंशा पर उन्होंने सवाल उठाए।
राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यकाल में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं। गृह मंत्री विजय शर्मा के गृह जिला कवर्धा में हत्या, गैंगरेप और बलात्कार की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने सवाल किया कि यदि सरकार की नीयत स्पष्ट है तो वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत क्यों नहीं लागू किया जाता? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दल इसके लिए तैयार हैं।
पूर्व विधायक ममता चंद्राकर ने कहा कि पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को मिला आरक्षण कांग्रेस की नीतियों का परिणाम है, जिसकी वैचारिक शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने की थी।
महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीमा अनंत ने भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि कवर्धा सहित प्रदेश में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
शहर अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि राजनीतिक हित साधना है, जिसे विपक्ष की एकजुटता ने उजागर कर दिया है।
प्रेसवार्ता में पूर्व जिला अध्यक्ष होरीराम साहू, प्रदेश सचिव वीरेन्द्र सिंह जांगड़े, शहर अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर, लोहारा ब्लॉक अध्यक्ष सौखीराम साहू, कवर्धा ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष मणिकांत त्रिपाठी, शहर महिला अध्यक्ष नारायणी टोण्डर, जिला पंचायत सदस्य अन्नपुर्णा चंद्राकार, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी, सेवा दल अध्यक्ष पदुम सेन, अ.जा. जिला अध्यक्ष राजेंद्र मार्कण्डेय, जिला उपाध्यक्ष शारदा सोनवानी, जिला महामंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री गोपाल चंद्रवंशी, जिला प्रवक्ता विकाश केसरी, प्रशांत परिहार, आकाश केशवानी, भुनेश्वर पटेल, मेहुल सत्यवंशी, तुषार वर्मा, वैभव ठाकुर, आशीष साहू, सुजल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने मांग की है कि महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। महिला आरक्षण का मुद्दा अब केवल विधायी प्रक्रिया का प्रश्न नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का केंद्रीय विमर्श बन चुका है।