कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिला अंतर्गत कुकदुर थाना क्षेत्र के नागाटोला माठपुर गांव से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण बिजली पोल के अर्थिंग तार में करंट प्रवाहित हुआ और खेलते समय 8 वर्षीय मासूम श्रवण बैगा उसकी चपेट में आ गया। करंट लगते ही मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
यह घटना इसलिए भी अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि मृतक बच्चा बैगा समुदाय से था, जिसे देश में विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) के रूप में संरक्षित दर्जा प्राप्त है। बैगा समुदाय को विशेष संरक्षण योजनाओं के तहत महत्व दिया जाता है और इन्हें अक्सर “राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र” कहकर भी संबोधित किया जाता है। ऐसे संरक्षित समुदाय के एक मासूम की मौत ने व्यवस्था की संवेदनहीनता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली पोल और अर्थिंग लाइन की स्थिति लंबे समय से खराब थी। कई बार समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद बिजली विभाग ने समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो आज एक मासूम की जान बच सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अर्थिंग तार में करंट आने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का वह कड़वा सच है, जिसने एक गरीब आदिवासी परिवार की दुनिया उजाड़ दी। अब सवाल यही है कि इस मौत का जिम्मेदार कौन और कार्रवाई कब होगी ।