कवर्धा। चिल्फी घाटी के बस स्टैंड मैदान में 22 अक्टूबर को श्री वनांचल दुर्गा समिति द्वारा दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्सव में छिंदवाड़ा के कलाकारों की रामायण आधारित जीवंत झांकियां, 30 फीट ऊंचे रावण का दहन और रात्रिकालीन छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण रहेंगे। आयोजन को लेकर समिति पिछले एक सप्ताह से तैयारियों में जुटी है।
समिति के व्यवस्थापकों बृजेश तिवारी, प्रकाश अग्रवाल, जितेंद्र जायसवाल, राजेश रजक और राकेश मरावी के अनुसार, चिल्फी घाटी बोड़ला विकासखंड का प्रमुख प्रवेश द्वार और पर्यटन स्थल है। यहां छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के साथ मध्यप्रदेश के बालाघाट और मंडला जिले से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में दशहरा उत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
रामायण की झांकियां और रावण दहन
कार्यक्रम की शुरुआत शाम 4 बजे छिंदवाड़ा के कलाकारों की झांकियों से होगी। इनमें राम-रावण युद्ध, हनुमान की विशाल झांकी और मां दुर्गा के नौ रूपों की प्रस्तुति शामिल रहेगी। शाम 7 बजे बस स्टैंड मैदान में 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इसके साथ आतिशबाजी भी होगी। समिति ने लोगों से रावण दहन के दौरान सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
लोकसंस्कृति को मंच देने की तैयारी
रावण दहन के बाद रात 9 बजे से छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘रंग छतीसा रगा रंगा’ आयोजित होगा। इसमें लोकगीत, करमा, ददरिया, सुआ नृत्य और गम्मत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। आयोजन के जरिए वनांचल क्षेत्र की लोकसंस्कृति और पारंपरिक कलाओं को मंच देने की तैयारी है।
भीड़ को देखते हुए समिति ने पार्किंग, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की तैयारी की है। पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन को भी आयोजन की सूचना दी गई है। समिति ने क्षेत्रवासियों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।