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नगरीय निकायों के एक चौक का नामकरण होगा बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं कलेक्टर ने बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए नगरीय निकायों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हस्ताक्षर अभियान द्वारा ‘‘बेटी बचाओ बेटी बढाओं’’ योजना की शुरुआत

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कवर्धा, महिला सशक्तिकरण अभियान के आगे बढ़ाते हुए कबीरधाम जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों में एक चौक का नाम बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं के नाम पर नाम करण किया जाएगा। कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग और सखी वन स्टॉप सेंटर के कामकाज की समीक्षा करते हुए नगरीय निकायों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री महोबे द्वारा बालिकाओं की सुरक्षा-बचाव एवं सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति तहत ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ योजना को और प्रभावशाली बनाते हुए हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान में कलेक्टर सहित वनमंडाधिकारी, अपर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं के हस्ताक्षर अभियान में शामिल हुए और हस्ताक्षर कर इस अभियान को आगे बढ़ाया। कलेक्टर ने बैठक में ‘‘सखी’’ वन स्टॉप सेंटर, जिले के प्रत्येक कार्यस्थल पर जहां 10 या 10 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी नियुक्त है वहां महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत् आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर कार्यालयों में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के निर्देश दिए है।
‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ के जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति की बैठक आज कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’योजना का मुख्य लक्ष्य जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) में हर साल 2 अंक सुधार करना, संस्थागत प्रसव के प्रतिशत में सुधार करना, प्रति वर्ष पहली तिमाही एएनसी पंजीकरण में 1 प्रतिशत की वृ़द्वि और प्रति वर्ष बालिकाओं-महिलाओं का कौशल में विकास करना, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर बालिकाओं के बीच ड्रापआउट दर की जांच कर बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना, बालिकाओं को व्यावसायिक प्रषिक्षण प्रदान करना, स्वास्थ्य शिक्षा, व्यक्तिगत स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल स्वास्थ्य और पोषण (एनीमिया और सामुदायिक पोषण), महिलाओं और बालिकाओं के विरूद्ध हिंसा समाप्त करना (कानूनी सहायता और पुनर्वास), खेल के क्षेत्र में बालिकाओं के प्रतिभागिता को बढ़ाना है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना अंतर्गत् महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत् माहवार अनेक गतिविधियां संचालित किया जाना है।
महिला एव बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद तिवारी ने बैठक में बताया कि शुरुआत में छत्तीसगढ़ राज्य के दो जिले रायगढ़ एवं बीजापुर में प्रारंभ किया गया। वर्तमान में कबीरधाम जिले की बालिकाओं को भी बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना का लाभ मिलने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अतंर्गत एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम तहत महिलाओं की सुरक्षा-बचाव एवं सशक्तिकरण के लिए एक अम्ब्रेला योजना मिशन शक्ति की शुरुआत की गई है। मिशन शक्ति अंतर्गत् महिलाओं की सशक्तिकरण और सुरक्षा-बचाव के लिए कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कबीरधाम द्वारा ‘‘सखी’’ वन स्टॉप सेंटर, जिले के प्रत्येक कार्यस्थल पर जहां 10 या 10 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी नियुक्त है वहां महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत् आंतरिक शिकायत समिति का गठन कर कार्यालयों में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए पहल की जा रही है। इसी तरह छत्तीसगढ़ महिला कोष अंतर्गत् अत्यंत ही कम वार्षिक ब्याज दर पर महिला समूहों एवं व्यक्तिगत लोन उपलब्ध करा कर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है।
बेटी जन्म होने पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में मनेगा बिटियां जन्मोत्सव
कलेक्टर श्री जनमेज महोबे ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान को प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए है। उन्होने कहा कि बेटी जन्म होने पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में बिटियां जन्मोत्सव मनाने के लिए कहा हैं। कलेक्टर ने इस संबंध में महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए है।
कलेक्टर श्री महोबे ने ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ (बीबीबीपी) योजना के सुचारु एवं सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिए। सभी ग्राम पंचायत परियोजना एवं कलेक्टर परिसर में गुड्डा,गुड्डी बोर्ड लगाया जाए, मितानिनो के माध्यम से गर्भवती माताओं द्वारा जन्म दिए बालक,बालिकाओं की जानकारी प्राप्त कर प्रत्येक माह में जन्म लिए बालक एवं बालिकाओं की संख्या गुड्डा-गुड्डी बोर्ड में दर्ज की जाए, सोनोग्राफी सेंटरों में एक्टिव ट्रेकर मशीन लगवाकर उसकी मॉनिटंरिंग करने के लिए प्रत्येक थाना, महिला डेस्क एवं सखी वन स्टॉप सेंटर को अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाने के साथ ही साथ बालिकाओं-महिलाओं की आत्मरक्षा संबंधी शिविरों का आयोजन करने, जहां असामाजिक तत्वों के कारण महिलाएं एवं बालिकाएं स्वयं को असुरक्षित महसूस करती है ऐसे स्थलों का चिन्हांकन करके वहां सुरक्षा व्यवस्था एवं लाइटिंग की समुचित व्यवस्था करने के लिए पुलिस विभाग एवं नगर पालिका परिषद को निर्देशित किया गया। बालिकाओं में ड्रापआउट दर को कम करने हेतु शाला प्रवेशोत्सव आयोजित, सार्वजनिक स्थलों, बस स्टेण्ड एवं बस में ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ विषय पर स्लोगन लेख करान हेतु जिला शिक्षा को निर्देशित किया गया। प्रत्येक मिडिल, हाई एवं हायर सेकेन्डरी स्कूलों में आवश्यक रुप से शौचालय का निर्माण करने, सेनेटरी वेडिंग मशीन स्थापित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने नोडल विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कबीरधाम को योजना के सफल क्रियान्वयन एवं बालिकाओं को अधिक से अधिक इस योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से माह जून 2023 से मार्च 2024 तक एक व्यापक कार्ययोजना के तहत् सभी विभागों से आपसी सामंजस्य स्थापित करने के निर्देश दिए है।

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