कवर्धा , महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जरूरत मंद लोगो को रोजगार देने के लिए बनाया है जिसके तहत कम से कम सौ दिन का काम जरूरत मंद परिवार को प्रतिवर्ष दिया जाना होता है। कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के निगरानी समिति का गठन भी किया गया है और कार्य में गुणवत्ता लाने के लिए तकनीकि अधिकारी कर्मचारियों की भी भर्ती किया गया है वही ग्रामीणों को कोई भी कार्य से संबंधित शिकायत के लिए टोल फ्री फोन नंबर के साथ प्रत्येक जिला में लोकपाल की नियुक्त किया गया है इन सब होने के बावजूद प्रदेश के वी आई पी कबीरधाम जिला में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना नियमो की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया जाता है लेकिन सरपंच से रूदबेदार लोग ठेका लेकर मनमानी करते दिखाई देते हैं। नागरिक सूचना पटल भी नहीं बनाया जाता जिससे पारदर्शिता की कमी दिखाई देता है ,नाली निर्माण की खुदाई मजदूरों के बजाए मशीन से कार्य कराया जाता है। जो साफ साफ़ दिखाई देता है बावजूद सक्षम अधिकारी अनजान बने हुए दिखाई देते है। कवर्धा जिला मुख्यालय के आसपास के गावों की ये स्थिति है तो दुरस्त इलाको का भगवान ही मालिक होगा।
नागरिक सूचना पटल नही
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कोई भी निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले नागरिक सूचना पटल बनाए जाने का प्रावधान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम में है जिसका उल्लेख कार्य स्वीकृति करते समय जारी किए गए आदेश में साफ साफ लिखा होता है। जिसमे कार्य का नाम, कार्य का तकनीकि स्वीकृति, कार्य का प्रारंभ तिथि , कार्य पूर्णता दिनांक , अनुमानित लागत, कार्य एजेंसी का नाम , तकनीकि सहायक , कार्यक्रम अधिकारी, लोकपाल का नाम , शिकायत का जिला एवम राज्य का स्तर पर शिकायत करने के लिए टोल फ्री नंबर सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदर्शित किए जाते है लेकिन निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत छाटा झा में ऐसा नही किया गया है और नाली निर्माण कार्य में मनमानी किया जा रहा है।जो मनरेगा अधिनियम के धाराओं का खुला उल्लंघन है।
नाली निर्माण कार्य में मनमानी
जनपद पंचायत कवर्धा के अधीनस्थ ग्राम पंचायत छाटा झा के डीलवा पारा में अमृत बाई घर से नाला की ओर नाली निर्माण कार्य का स्वीकृति प्राप्त हुआ है जिस पर नाली निर्माण कार्य प्रारंभ भी किया गया है। नाली निर्माण कार्य के लिए गड्ढा की खुदाई मजदूरों से कराने के बजाए जे सी बी मशीन से किया गया है और नाली निर्माण के समय जे सी बी से खुदाई हुए कार्य को मजदूरों से सफाई कराते हुए किया जा है जबकि निर्माणाधीन स्थान पर कोई पत्थर या कड़ा मिट्टी नही है। मजदूर आसानी से खुदाई कर सकते थे लेकिन निर्माण एजेंसी के द्वारा मजदूरों को रोजगार देने के बजाए कार्य को मशीन से किया है ।







