BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धापंडरियापांडातराईबड़ी खबरसमाचारसिटी न्यूज़

जल संकट के चलते कबीरधाम जिला में नलकूप खनन पर प्रतिबंध, इनसे लेना होगा अनुमति 

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
बिना अनुमति नलकूप खनन पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
गर्मी के मौसम में पेयजल की संभावित कमी को ध्यान में रखते हुए कबीरधाम जिला प्रशासन ने ठोस पहल करते हुए पूरे जिले को जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। कलेक्टर  गोपाल वर्मा (आई.ए.एस.) ने छत्तीसगढ़ पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 (कमांक-3) 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया, जो 10 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक प्रभावशील रहेगा।
अनुमति के बिना नलकूप खनन प्रतिबंधित
इस आदेश के तहत, उक्त अवधि में सक्षम प्राधिकृत अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था नलकूप खनन नहीं कर सकेगी, चाहे वह पेयजल के लिए हो या किसी अन्य प्रयोजन के लिए। यह प्रतिबंध जिले के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।
शासकीय एजेंसियों को आंशिक छूट
हालांकि, शासकीय एजेंसियों जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जिले के किसी भी हिस्से में पेयजल प्रयोजन के लिए नलकूप खनन के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। इसी तरह, नगर पालिका परिषद कवर्धा एवं जिले की समस्त नगर पंचायतों को अपने-अपने सीमा क्षेत्र में केवल पेयजल आपूर्ति हेतु नलकूप खनन की अनुमति से छूट दी गई है। किंतु इन एजेंसियों को इस अवधि में कराए गए नलकूप खनन की जानकारी संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को अनिवार्य रूप से देनी होगी।
अन्य सभी मामलों में अनुविभागीय अधिकारी से लेनी होगी अनुमति
निजी व्यक्ति, संस्था या अन्य किसी एजेंसी द्वारा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति खनन करने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
 अनुमति प्रदान करने की जिम्मेदारी
कलेक्टर ने जिले में नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करने हेतु निम्नलिखित प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
1. अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, कबीरधाम – नगर पालिका परिषद कवर्धा एवं जिले की समस्त नगर पंचायतों के क्षेत्र में।
2. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कवर्धा – राजस्व उपविभाग कवर्धा के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में।
3. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सहसपुर लोहारा – स.लोहारा उपविभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में।
4 .अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पंडरिया – पंडरिया उपविभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में।
5. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बोड़ला – बोड़ला उपविभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में
ये  पांच अधिकारी छत्तीसगढ़ पेयजल परीक्षण अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के अनुसार अपने-अपने क्षेत्र में पेयजल संकट की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करेंगे।
उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर  ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी उक्त अधिनियम का उल्लंघन कर बिना अनुमति के नलकूप खनन करता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। ऐसे मामलों में दण्डात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

लोहारा पुलिस भेड़ चोर को पकड़ा ,आरोपियो के कब्जे से माल बरामद

Bhuvan Patel

सरकारी नौकरी का सपना, धोखाधड़ी की सच्चाई – 37 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार”

Bhuvan Patel

त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 के लिए मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण आयोजित

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!