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अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, 41 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त

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कवर्धा ,
कबीरधाम जिले में सक्रिय अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने अब तक करीब 35 वाहनों की चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों से दो हाईवा, दो बाइक, एक कार और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 41 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है।

12-13 अप्रैल की रात जिला मुख्यालय से एक हाईवा वाहन चोरी की घटना दर्ज की गई थी। रिपोर्ट मिलते ही थाना कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच को दिशा दी गई।
तफ्तीश के दौरान यह सामने आया कि चोरी गई हाईवा को पंजाब ढाबा के पास स्थित पेट्रोल पंप में डीजल भरवाते हुए देखा गया था। इसके बाद संभावित रूट पर जिले भर में 10 अलग-अलग टीमें लगाई गईं और अन्य राज्यों की साइबर टीमों से भी समन्वय किया गया।
जांच में पता चला कि गिरोह हरियाणा के मेवात क्षेत्र से संचालित हो रहा है। पुलिस को सूचना मिली कि 21 अप्रैल को गिरोह के सदस्य दोबारा छत्तीसगढ़ में दाखिल हुए हैं। 22-23 अप्रैल की रात जबलपुर रोड पर एक हाईवा संदेहास्पद हालत में दिखाई दी, जिसे छोड़कर चालक खेतों की ओर भाग गया। तड़के घुक्सा गांव में बाइक लूट की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उजेर खान और मुसेद खान को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहली हाईवा को गुजरात में बेचा गया और हाल ही में बेमेतरा से एक और हाईवा चुराकर लाया गया है। उन्होंने अपने साथियों समीम खान और जमील खान के नाम भी उजागर किए, जिन्हें रायपुर से गिरफ्तार किया गया। गिरोह का एक अन्य सदस्य रोशन खान अभी फरार है।
जब्त संपत्तियों में शामिल हैं —
बेमेतरा से चोरी गई हाईवा: अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये
चोरी में प्रयुक्त कार: 10 लाख रुपये
रायपुर से चोरी गई बाइक: 50 हजार रुपये
घुक्सा से लूटी गई बाइक: 50 हजार रुपये
चार मोबाइल फोन: कुल कीमत 60 हजार रुपये
इस गिरोह की गतिविधियाँ हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात और छत्तीसगढ़ तक फैली हुई हैं। पुलिस ने चोरी गई पहली हाईवा की बरामदगी हेतु पांच विशेष टीमें अन्य राज्यों में रवाना की हैं।
इस कार्रवाई में थाना कोतवाली, साइबर सेल, डीआरजी और तकनीकी विशेषज्ञों ने समन्वित प्रयास किया। पुलिस ने यह सिद्ध कर दिया कि कितनी भी संगठित अपराध योजना क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना असंभव है।

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