राजधानी के वीआईपी रोड स्थित आदित्य फार्म हाउस में बीती रात चल रही एक हुक्का पार्टी में तेलीबांधा पुलिस ने छापेमार कार्रवाई कर दर्जनों हुक्के और नशीली सामग्री जब्त की है। पार्टी में करीब 50 युवक-युवतियां शामिल थे। यह आयोजन शंकर नगर के एक बड़े कारोबारी के जन्मदिन के मौके पर हो रहा था। हालांकि, इस कारोबारी का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया है और न ही उस पर कोई कार्रवाई की गई है, जिससे पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
कोलकाता निवासी विकास सिंह बरोई गिरफ्तार, फार्म हाउस मालिक फरार
तेलीबांधा पुलिस ने मौके से कोलकाता निवासी विकास सिंह बरोई को गिरफ्तार किया है, जो पार्टी का आयोजक बताया जा रहा है। उसे कोटपा एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया है। वहीं, फार्म हाउस का मालिक फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने पुष्टि की कि फार्म हाउस में हुक्का सहित अन्य नशीली चीजें अवैध रूप से पाई गई हैं।
पार्टी में शामिल सभी लोग मौके से फरार, कारोबारी पर कार्रवाई नहीं
सूत्रों के मुताबिक पार्टी शंकर नगर निवासी एक बड़े कारोबारी की थी, लेकिन एफआईआर में उसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है। छापेमारी के दौरान फार्म हाउस में मौजूद युवक-युवतियां सभी फरार हो गए। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब आयोजन में अवैध गतिविधियां हो रही थीं तो मुख्य आयोजक यानी कारोबारी को क्यों बख्शा गया?
पुलिस जांच संदेह के घेरे में
इस पूरे मामले में पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। जहां आयोजक विकास सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया, वहीं फार्म हाउस के मालिक और मुख्य कारोबारी के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष: इस घटना ने रायपुर की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में हो रहे गैरकानूनी गतिविधियों की ओर इशारा किया है। पुलिस की निष्पक्षता और कार्रवाई की पारदर्शिता पर निगरानी आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसे आयोजन पर सख्त नियंत्रण हो सके।