नामदेव साहू ने कृषि प्रतिष्ठान के नाम पर म्यूल अकाउंट बनाकर देशभर में साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया खाता, खुद ही रकम हड़पने की भी रची साजिश
कवर्धा
देशभर में फैले साइबर ठगों के नेटवर्क पर करारी चोट करते हुए कबीरधाम पुलिस ने एक ऐसे बैंक खाते का पर्दाफाश किया है जो ‘कृषि केंद्र’ की आड़ में म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग हो रहा था, और जिसके जरिए ₹2.5 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेनदेन किया गया है। यह कार्रवाई राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य (IPS) के मार्गदर्शन में तथा पुलिस अधीक्षक कबीरधाम श्री धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के नेतृत्व में संपन्न हुई।
जांच में सामने आया कि B.Sc (एग्रीकल्चर) पास नामदेव साहू, निवासी सिंघनपुरी (हाथीडोब), ने “भोरमदेव कृषि केंद्र” के नाम से संचालित ICICI बैंक खाते को साइबर अपराधियों को उपयोग हेतु उपलब्ध कराया था। यह खाता कबीरधाम जिले के भोरमदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राजनावागांव में खोला गया था।
पुलिस की तकनीकी टीम ने जब खाते की जांच की तो पाया कि वर्ष 2023–24 में इसमें ₹2.5 करोड़ से अधिक के संदेहास्पद ट्रांजैक्शन हुए, जो सामान्य कृषि लेन-देन से मेल नहीं खाते थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि देश के 16 राज्यों में इस खाते के माध्यम से की गई साइबर ठगी के 56 प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें अब तक ₹70 लाख से अधिक की ठगी की पुष्टि हो चुकी है।
ठगी के प्रमुख आंकड़े – राज्यवार विवरण:
तेलंगाना – 11 केस, ₹19.22 लाख
कर्नाटक – 10 केस, ₹8.67 लाख
तमिलनाडु – 3 केस, ₹9.52 लाख
महाराष्ट्र – 6 केस, ₹6.47 लाख
पश्चिम बंगाल – 5 केस, ₹6.44 लाख
अन्य राज्यों जैसे दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, आंध्र प्रदेश आदि में भी मामलों की पुष्टि
चालाकी से खुद ही बन बैठा ठग – साइबर अपराधियों के साथ मिलकर हड़पना चाहा पूरा पैसा
नामदेव साहू ने न केवल अपना खाता ठगों को सौंपा, बल्कि ठगी की पूरी रकम हड़पने हेतु खुद ही बैंक को आवेदन देकर खाता होल्ड कराने का प्रयास किया। इससे पुलिस को शक हुआ और गहराई से जांच शुरू की गई। यह व्यवहार स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि वह खुद भी ठगी की साजिश में शामिल था और साइबर अपराधियों से अधिक चतुर बनने की कोशिश कर रहा था।
आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी धोखाधड़ी एवं ₹1.90 करोड़ के गबन, साथ ही चेक बाउंस के कई प्रकरण थाना लोहरा में दर्ज हैं। इतना ही नहीं, बेंगलुरु में भी उसके विरुद्ध अपराध दर्ज है।
“लालच से बचें, सतर्क रहें”
पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने जनता से अपील की कि वे किसी भी सोशल मीडिया या मोबाइल मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले “जल्दी पैसा कमाएं” जैसे झूठे वादों से सावधान रहें। अक्सर साइबर अपराधी टेलीग्राम, व्हाट्सएप व इंस्टाग्राम पर फर्जी स्कीमों के ज़रिए बैंक खाते, ओटीपी, मोबाइल नंबर आदि हासिल कर ठगी करते हैं। अगर कोई व्यक्ति अनजाने में भी ऐसा करता है, तो वह भी कानूनी रूप से अपराध का भागीदार माना जा सकता है।
कबीरधाम पुलिस का संदेश: “सावधानी ही सुरक्षा है”
किसी अजनबी से बैंक डिटेल, ओटीपी, आधार, दस्तावेज साझा न करें
“रिफंड स्कीम”, “कमिशन कमाई” जैसे प्रस्तावों से बचें
संदेह होने पर तत्काल 1930 (साइबर हेल्पलाइन) या नजदीकी थाने में संपर्क करें
पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि जिले में साइबर अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं। साइबर नेटवर्क से जुड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही होगी।
यह मामला न केवल एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश के छोटे कस्बों से भी साइबर अपराध के लिए म्यूल अकाउंट्स सक्रिय हैं। कबीरधाम पुलिस की यह कार्रवाई अन्य राज्यों की एजेंसियों के लिए भी मिसाल बन सकती है।