22 जून को बहुमत से होगा मतदान, जिला संयोजक पद की दौड़ में परसराम चंद्राकर का नाम प्रबल
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष द्वारा दिनांक 09.05.2025 को प्रदेशभर में संघ के चुनाव की अधिसूचना जारी की गई। यह चुनाव तीन चरणों में संपन्न हो रहा है, जिसमें कबीरधाम जिला (कवर्धा) का चुनाव दूसरे चरण में रखा गया है।
15 जून 2025: आमसभा और संभावित सर्वसम्मति
कबीरधाम जिले के वन कर्मचारियों की आमसभा बैठक दिनांक 15.06.2025 को प्रातः 11.00 बजे नीलाम हाल, काष्ठागार, कवर्धा में आयोजित की गई है। इस अवसर पर प्रांत से निर्वाचन अधिकारी और पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे। आमसभा में सर्वसम्मति से एक नाम तय करने का प्रयास किया जाएगा। यदि एक से अधिक उम्मीदवार सामने आते हैं तो नामांकन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
22 जून 2025: गुप्त मतदान से होगा चुनाव
यदि आमसभा में सर्वसम्मति नहीं बनती, तो 22 जून 2025 को गुप्त मतदान के जरिए बहुमत से कबीरधाम जिले के नए अध्यक्ष का चयन किया जाएगा।
वनमंडलाधिकारी को दी गई सूचना, निर्वाचन में सहयोग की सहमति
वर्तमान जिलाध्यक्ष परसराम चंद्राकर द्वारा विभाग प्रमुख निखिल अग्रवाल (DFO कवर्धा) को अधिसूचना की प्रति सौंपी गई। उन्होंने आमसभा और चुनाव दिवस पर कर्मचारियों की भागीदारी की जानकारी दी और निर्वाचन में प्रशासनिक सहयोग की मांग की, जिस पर DFO ने सहमति जताई है। इस दौरान संघ के संरक्षक श्री गणेश ठाकुर, उपाध्यक्ष श्री ज्ञानेश्वर आनंद एवं कार्यालयीन सचिव श्री सनत मिश्रा भी उपस्थित थे।
कर्मचारी नेताओं की निगाहें चुनाव पर, चंद्राकर के फेडरेशन संयोजक बनने की चर्चा
कबीरधाम जिले में वन कर्मचारी संघ के लगभग 250 सदस्य हैं, जिनमें वन चौकीदार से लेकर डिप्टी रेंजर तक के कर्मचारी शामिल हैं। यह सभी मैदानी कार्य से जुड़े कर्मी हैं जिन्हें विभाग की रीढ़ कहा जाता है।
सूत्रों की मानें तो वर्तमान अध्यक्ष श्री परसराम चंद्राकर अब फेडरेशन के जिला संयोजक पद के लिए मजबूत दावेदार हैं। ऐसे में उनके पुनः अध्यक्ष बनने की संभावना कम मानी जा रही है। उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिससे नेतृत्व परिवर्तन तय माना जा रहा है।
हड़ताल और आंदोलनों में रही सक्रिय भागीदारी
चंद्राकर के कार्यकाल में संघ ने प्रांतीय स्तर पर दो बार अनिश्चितकालीन हड़ताल की अगुवाई की—एक बार 24 दिन, दूसरी बार 2 दिन की हड़ताल हुई। इसके अतिरिक्त 14 दिन के फैडरेशन आंदोलन में भी संघ की सक्रिय भागीदारी रही। हाल ही में जिले में नियम विरुद्ध कार्य आबंटन के खिलाफ कर्मचारियों को एकजुट कर संघ ने सफल आंदोलन किया, जिसके फलस्वरूप विभाग को कार्य आवंटन में संशोधन करना पड़ा।
, कौन होगा अगला जिलाध्यक्ष
अब समस्त वन कर्मचारियों की निगाहें 15 जून 2025 को होने वाली आमसभा पर टिकी हैं, जहाँ उम्मीदवारों की तस्वीर स्पष्ट होगी। संघ के नए नेतृत्व की दिशा तय करने वाली यह बैठक न केवल संघ के लिए बल्कि पूरे वन विभाग के लिए अहम मानी जा रही है।