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शिक्षा के व्यापारीकरण के खिलाफ एनएसयूआई का मोर्चा, जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा 7 सूत्रीय मांग पत्र बिना मान्यता स्कूल, फीस में मनमानी और ड्रेस की जबरदस्ती पर कार्यवाही की मांग, नहीं हुई सुनवाई तो होगा उग्र आंदोलन

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कवर्धा,
जिले में शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यवसायीकरण, मनमानी फीस वृद्धि, जबरन किताब-कॉपी व ड्रेस विक्रय जैसे मुद्दों को लेकर एनएसयूआई कबीरधाम ने सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष शितेष चंद्रवंशी की अगुवाई में हुए इस आंदोलन में एनएसयूआई ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और चेताया कि 4 दिवस के भीतर कार्यवाही नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ये हैं प्रमुख मांगें और आरोप
बिना मान्यता के स्कूलों पर कार्रवाई
जिले में संचालित कई निजी स्कूलों की मान्यता संदिग्ध है, फिर भी वे निर्बाध रूप से संचालन कर रहे हैं। एनएसयूआई ने संस्कार स्कूल और विकास पब्लिक स्कूल सहित ऐसे संस्थानों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

फीस वृद्धि में नियमों का उल्लंघन
एनएसयूआई अध्यक्ष चंद्रवंशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक 2020 को ताक पर रखकर निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से 15-20% तक फीस बढ़ाई गई है। इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश के बावजूद, स्कूल अपनी वेबसाइट और कैंपस में 4×8 फीट बोर्ड लगाकर फीस जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं।
स्वामी आत्मानंद स्कूलों में सीटों की हेराफेरी
इन सरकारी मॉडल स्कूलों में पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया का अभाव है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि योग्य छात्रों को वंचित कर अपात्रों को प्रवेश दिया गया।
ड्रेस और सामग्री की जबरदस्ती बिक्री
निजी स्कूल पालकों को एक ही दुकान से किताबें, कापियां और ड्रेस लेने के लिए बाध्य कर रहे हैं। कई स्कूलों ने तो अपना गोदाम और दुकानें खोल रखी हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था में खुला व्यापारीकरण हो रहा है।
हर आयोजन के नाम पर नई ड्रेस की मांग
अशासकीय महाविद्यालयों में छात्रों से विभिन्न आयोजनों के नाम पर अलग-अलग ड्रेस कोड लागू कर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। एनएसयूआई ने सभी स्कूलों में एकल ड्रेस फॉर्मूला लागू करने की मांग की है।
पूर्व पत्रों पर कार्रवाई नहीं
संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग के पत्र (क्रमांक RTI/पा.क्र/2025/896 दिनांक 27.02.2025) के बावजूद स्कूलों पर कोई दंडात्मक कार्यवाही नहीं हुई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यदि अगले चार कार्य दिवस में इन मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो जिले में व्यापक विरोध प्रदर्शन, स्कूल घेराव, तथा सड़क पर उतरकर आंदोलन की रणनीति अपनाई जाएगी।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल
इस प्रदर्शन में कांग्रेस शहर अध्यक्ष अशोक सिंह, एनएसयूआई प्रदेश सचिव आनंद चंद्रवंशी, युवा कांग्रेस महासचिव राहुल सिन्हा, पंडरिया विधानसभा अध्यक्ष देवव्रत चंद्रवंशी, एनएसयूआई शहर अध्यक्ष मेहुल सत्यवंशी, जिला महासचिव अमन वर्मा, पिंकी बंजारे, प्रवीण वर्मा, मनीषा कामड़े, प्रतीक चंद्रवंशी, विकाश चंद्रवंशी, जलेश धुर्वे, ऋषभ वैष्णव, राहुल चंद्रवंशी, सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
छात्र संगठनों की चेतावनी को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है, क्योंकि जिले में शिक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि प्रशासन अब भी चुप रहा, तो जनाक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।

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