छत्तीसगढ़ में कोयला ब्लॉक आवंटन और कथित घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर बड़े आरोप लगाए हैं। कवर्धा में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेश बघेल स्वयं को पाक-साफ दिखाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उनके बेटे चेतन बघेल भी उसी कोयला कंपनी के पद पर हैं, जिस पर आज कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। भाजपा ने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोपों को झूठा और भ्रामक बताते हुए उन्हें “चोरी ऊपर से सीना जोरी” करार दिया है।
विजय शर्मा ने कहा कि कोयला आवंटन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया और परियोजनाएं पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान ही स्वीकृत हुई थीं। कोल ब्लॉक, पेंडों की कटाई और आवंटन समेत सभी फैसले यूपीए सरकार के कार्यकाल में लिए गए थे। इस बात को लेकर भाजपा ने कांग्रेस से सवाल पूछा है कि क्या अब वे अपने ही समय के फैसलों के लिए देश से माफी मांगेंगे।
श्री शर्मा ने कहा कि वर्ष 2010 में केंद्र की कांग्रेस सरकार ने ही इन परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। 23 जून 2011 को इसी सरकार ने छत्तीसगढ़ और झारखंड के कोल ब्लॉकों का आवंटन किया था। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बनने के बाद 16 अक्टूबर 2019 को इसी योजना को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरण स्वीकृति हेतु फाइलें भेजी थीं। साथ ही 31 मार्च 2021 और फिर 19 अप्रैल 2022 को इस परियोजना के लिए और स्वीकृतियां दी गईं।
भाजपा ने कांग्रेस से सवाल उठाया है कि
क्या वे मनमोहन सिंह सरकार के समय लिए गए इन फैसलों पर माफी मांगेंगे।
क्या भूपेश बघेल अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे, जैसे वह बाकी बिजली बंद करने की बात कर रहे हैं।
प्रदेश भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस पर जनमानस को गुमराह करने का आरोप लगाया है। विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का एक ही काम रह गया है – झूठ बोलना और चोरी के उदाहरण देकर जनता को भ्रमित करना। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और भूपेश बघेल ने प्रदेश की जनता को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। शराब घोटाला, चावल घोटाला, कोयला घोटाला, गोथान घोटाला और पीएससी घोटाले में कांग्रेस सरकार के कारनामे उजागर हो चुके हैं।
श्री शर्मा ने दो टूक कहा कि कांग्रेस खुद की नाकामियों को छुपाने के लिए बेटे चेतन बघेल का नाम उछाल रही है, जबकि जिस पद पर चेतन कार्यरत हैं, उस पद का कांग्रेस के आरोपों से कोई लेना-देना ही नहीं है। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि अब प्रदेश की जनता कांग्रेस के झूठ और बेईमानी को और बर्दाश्त नहीं करेगी।
भाजपा ने कांग्रेस के कोयला आंदोलन को पूरी तरह से राजनीतिक स्टंट करार देते हुए इसे महज जनता को गुमराह करने की साजिश बताया है।