छत्तीसगढ़ में किसान हितैषी नीतियों के चलते एक बार फिर गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है। उपमुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक विजय शर्मा की पहल तथा सरकार की मजबूत नीति के फलस्वरूप भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, राम्हेपुर ने एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है।
कारखाने ने गन्ना भुगतान में 100% पारदर्शिता और समयबद्धता बरतते हुए इस बार रिकवरी दर में पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। कारखाना प्रबंधन ने जानकारी दी कि बीते चार वर्षों में पहली बार गन्ना किसानों को ₹27 करोड़ 79 लाख की रिकवरी राशि एकमुश्त उनके खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है।
कारखाने के एम.डी. जीएस शर्मा ने बताया कि इससे पहले मई माह में ही किसानों को ₹87.65 करोड़ की एफआरपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का भुगतान किया जा चुका था। इस प्रकार, वर्ष 2024-25 में किसानों को अब तक कुल ₹115 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है।
यह उपलब्धि सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का भी परिचायक है। विजय शर्मा ने इसे “किसान सम्मान और सरकारी वादों के धरातली क्रियान्वयन की मिसाल” बताया।
इस अवसर पर अनेक किसान नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इसी पारदर्शी और संवेदनशील प्रणाली के तहत किसानों को समय पर लाभ मिलता रहेगा।
*मुख्य बिंदु*
गन्ना भुगतान में 100% पारदर्शिता
राज्य में सबसे अधिक रिकवरी दर
₹27.79 करोड़ की रिकवरी राशि एकमुश्त ट्रांसफर
अब तक कुल ₹115 करोड़ से अधिक भुगतान
किसानों में खुशी की लहर, सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा