विकासखंड पंडरिया अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गांगपुर की हालत दिनोंदिन जर्जर होती जा रही है। भवन की दीवारें और छतें इस कदर कमजोर हो चुकी हैं कि अब शिक्षकों और पालकों को बच्चों की जान की चिंता सताने लगी है। विद्यालय की छत जगह-जगह से टपक रही है, दीवारों और छतों का पलस्तर गिर रहा है और कक्षाओं में पानी भर रहा है। स्कूल के शिक्षक और ग्रामवासी लगातार मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
शाला प्रधान पाठक द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और विगत लगभग 10 वर्षों से केवल मरम्मत कर किसी तरह संचालित किया जा रहा है।
लगातार छत से पानी टपकने और पलस्तर गिरने से छात्रों को पढ़ाना दूभर हो गया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।
विद्यालय के कक्ष में पानी जमा होने की तस्वीरें, गिरते पलस्तर और सीलन से भरी दीवारें इस बात की गवाही दे रही हैं कि यह भवन किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को न्यौता दे सकता है। जुलाई 2025 की इन तस्वीरों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्यालय परिवार और ग्रामवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तत्काल भवन की स्थिति का निरीक्षण कर या तो नया भवन स्वीकृत किया जाए या फिर व्यापक मरम्मत कार्य कराया जाए, जिससे बच्चों की शिक्षा बाधित न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।