विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बनाने के नाम पर बेरोजगार युवकों से वसूली, फर्जी नियुक्ति पत्र भी किया जारी
पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने बेरोजगार युवकों को शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की। आरोपी ने खुद को रसूखदार बताते हुए युवाओं को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पद पर नियुक्त कराने का झांसा दिया और 14 लाख रुपए वसूल लिए।
कैसे हुआ खुलासा
थाना सिटी कोतवाली में प्रार्थी ईश्वर प्रसाद साहू, निवासी ग्राम सुढेला ने लिखित आवेदन देकर बताया कि आरोपी किशोर कुमार शर्मा (65 वर्ष) ने उससे अलग-अलग किश्तों में 10 लाख रुपए वसूल किए। इसके अलावा प्रार्थी के अन्य रिश्तेदारों से भी नौकरी लगाने के नाम पर 4 लाख रुपए लिए।
युवकों का विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने केंद्र शासन, भारत शिक्षा विभाग, नई दिल्ली के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी किया। लेकिन जब हकीकत सामने आई, तो पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
प्रकरण दर्ज होने के बाद थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध क्र. 729/2024 धारा 420 भादवि के तहत केस दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में की गई जांच के दौरान आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुल 14 लाख रुपए ठगने की बात स्वीकार की।
आरोपी को आज विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है।
कौन है आरोपी
गिरफ्तार आरोपी किशोर कुमार शर्मा, मूलतः ग्राम शिवनी (नैला), जांजगीर-चांपा का रहने वाला है और वर्तमान में वैष्णवी विहार, उसलापुर, थाना सकरी, जिला बिलासपुर में निवासरत था।
नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार बढ़ रहे फर्जीवाड़े
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी नौकरियों में बेरोजगार युवकों की बढ़ती उम्मीदों का फायदा उठाकर इस तरह के गिरोह सक्रिय हैं। भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन होने के बावजूद नकली नियुक्ति पत्र बनवाकर ठगी करने वाले दलाल युवाओं को निशाना बना रहे हैं।