ग्रामीण अंचलों में झोला छाप डॉक्टरों का बोलबाला लगातार बढ़ता जा रहा है, और प्रशासन की लचर व्यवस्था पर अब सवाल उठने लगे हैं। सेमरहा निवासी डॉक्टर के खिलाफ ग्राम ठाकुरटोला के ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस थाना तरेगांव जंगल में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता महत्तर सिंह व शेरसिंह धुर्वे ने आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति बिना किसी मान्य डिग्री के इलाज के नाम पर ग्रामीणों से मोटी रकम वसूल रहा है। इलाज के दौरान लापरवाही से एक महिला मरीज की मौत तक हो गई, जबकि दूसरी महिला गर्भपात का शिकार हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपित खुद को MBBS डॉक्टर बताकर भोले-भाले आदिवासी ग्रामीणों को ठगता है और विरोध करने वालों को पुलिस कार्रवाई की धमकी देता है। पीड़ितों के मुताबिक इलाज के नाम पर हजारों रुपये की ठगी के साथ-साथ जमीन बेचने तक की नौबत आ गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी डॉक्टर द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खुलेआम उपचार किया जा रहा है और क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पूरी तरह मौन हैं।
मिली जानकारी अनुसार वर्तमान में मामला पुलिस थाना तरेगांव जंगल में दर्ज है तथा इसकी जांच अनुविभागीय अधिकारी पुलिस द्वारा की जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि जब पूरे क्षेत्र में झोला छाप डॉक्टर खुलेआम जान से खेल रहे हैं, तो प्रशासन अब तक सो क्यों रहा है। क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बिना डिग्री इलाज करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।