विकासखंड बोड़ला के अंतर्गत ग्राम थूहापानी में आज कृत्रिम मधुमक्खी पालन हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों को स्वावलंबी बनाना एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नए आय स्रोत विकसित करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन की नवीन तकनीकों, उपकरणों के उपयोग एवं छत्तों की देखरेख की विधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालन न केवल ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय का सशक्त साधन है, बल्कि प्राकृतिक परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि का भी माध्यम बनता है।
इस अवसर पर डॉ. एन. सी. बंजारा एवं डॉ. सी. पी. रहंगडाले (कृषि विज्ञान केंद्र), गजेन्द्र कुमार चंद्रवंशी (वनक्षेत्रपाल), विरेन्द्र राजपूत (सहायक प्रबंधक), कु. मयकुल मांडवी (वनपाल) एवं नरेंद्र राजपूत (बीट प्रभारी) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों में टिकाऊ आजीविका और हरित अर्थव्यवस्था के प्रति जागरूकता लाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया, जिससे बोड़ला क्षेत्र में ग्रामीण विकास की नई संभावनाएँ खुलती दिख रही हैं।