छत्तीसगढ़ राज्य के गौरवमय 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में ‘रजत जयंती राज्योत्सव’ का दो दिवसीय भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शोभायात्रा और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्य की समृद्ध संस्कृति और अस्मिता का शानदार प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत साहू भवन टिकरापारा से हुई, जहाँ से विशाल जुलूस ने शहर का भ्रमण किया। शोभायात्रा कालीबाड़ी, बुड़ा तालाब, पुरानी बस्ती, कंकाली तालाब, तात्यापारा, आजाद चौक, जयस्तंभ चौक, गोलबाजार, मालवीय रोड और सिटी कोतवाली होते हुए पुनः साहू भवन पहुँची। पूरे मार्ग पर छत्तीसगढ़ी गीतों, नृत्यों और लोक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि से माहौल उत्सवमय बना रहा।
राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें उनके योगदान को नमन करते हुए प्रतीक चिन्ह और शाल से सम्मानित किया गया। तत्पश्चात गंडई के प्रसिद्ध सांस्कृतिक दल ‘दूध मोगरा’ के कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शाम 4 बजे राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ भवन, हांडीपारा में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। 26 दीप प्रज्वलित कर राज्य के गौरवशाली 25 वर्षों की यात्रा को नमन किया गया। इस अवसर पर पंडवानी के सुप्रसिद्ध कलाकार चेतन देवांगन एवं भावेश देवांगन ने “अपरा पैरी के धार” गीत प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अभूतपूर्व वातावरण निर्मित किया।
कार्यक्रम में नगर निगम रायपुर की अध्यक्ष हेमा फनेंद्र, रितु महंत, प्रभा दुबे, महिमा दुबे, नीलम दुबे, दीक्षा दुबे, दाउ जी पी. चन्द्राकर, जगेश्वर प्रसाद, वेगेंद्र सोनवेर, लालाराम वर्मा, महेंद्र कौशिक, जगदंबिका साहू, अशोक कश्यप, राजेश बिसेन, छन्नूलाल साहू, बृज बिहारी साहू, श्यामू ठाकुर, राम सिन्हा, सुंदर कौशिक, राकेश साहू, अंकित साहू और कार्तिक जायसवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाज के हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, मातृभूमि के प्रति आस्था और राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को सजीव रूप से प्रस्तुत कर राज्योत्सव को अविस्मरणीय बना दिया।