छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत इस वर्ष कई चुनौतियों के साथ हुई है। बलौदाबाजार जिले में कुल 166 उपार्जन केंद्र और 129 समितियाँ स्थापित हैं, लेकिन खरीदी के पहले दिन केवल 79 टोकन जारी हो पाए, जिनसे लगभग 3019 क्विंटल धान खरीदी का अनुमान था । यह आंकड़ा राज्य की व्यापक व्यवस्था की क्षमता और वास्तविक गति के बीच बड़े अंतर की ओर संकेत करता है।
सूत्रों के अनुसार, धान खरीदी से जुड़े उपार्जन केंद्रों में नियमित कर्मचारी अपने मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिसके कारण खरीदी व्यवस्था पर प्रत्यक्ष असर पड़ा है। इसी वजह से कई केंद्रों में टोकन वितरण और धान की तुलाई का काम अपेक्षित रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सका।
जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था कर खरीदी प्रक्रिया शुरू करवाई, और उपार्जन केंद्रों में पेयजल, शेड, शिकायत पेटी जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित करने की बात कही है। कलेक्टर दीपक सोनी ने अपर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर को उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया बाधित न हो।
हालांकि परिस्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन प्रशासन की कोशिश है कि किसान प्रभावित न हों और खरीदी कार्य जल्द ही सामान्य गति पकड़ ले। किसानों और कृषि अर्थव्यवस्था परयू इसका व्यापक प्रभाव देखते हुए, यह स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रही है, क्योंकि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में से एक है।
कुल मिलाकर, पहले दिन की धान खरीदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य और जिला प्रशासन को चुनौतियों को तत्काल और प्रभावी ढंग से संभालना होगा, ताकि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया सुगमतापूर्वक जारी रह सके।