केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर किए जाने और ग्रामीणों के रोजगार पर संकट खड़ा करने के विरोध में सोमवार 27 जनवरी 2026 को ग्राम कुंडा के भारत माता चौक में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनरेगा प्रभारी कुंडा इंजीनियर योगेश्वर चन्द्राकर ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि देश के ग्रामीण गरीब, मजदूर और किसानों की आजीविका का मजबूत आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को हटाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और दर्शन का अपमान कर रही है। यह सोच आज की नहीं बल्कि वर्षों से महात्मा गांधी के सिद्धांतों के खिलाफ जहर घोलने की मानसिकता का परिणाम है।
इंजीनियर चन्द्राकर ने कहा कि वीबी ग्राम जैसी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार छीनने वाली साबित हो रही हैं, जिससे सीधे तौर पर ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इससे गांवों के मजदूरों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा और पलायन की समस्या फिर से बढ़ेगी। उन्होंने मनरेगा को और मजबूत करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा दी है। यदि इसे कमजोर किया गया तो इसका असर सीधे गरीब परिवारों पर पड़ेगा, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रभारी इंजीनियर योगेश्वर चन्द्राकर, प्रभारी सनत चंद्राकर, ब्लॉक अध्यक्ष कुंडा उत्तर उत्तरा दिवाकर, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष पंडरिया कौशल चन्द्राकर, पूर्व जनपद अध्यक्ष अर्जुन तिवारी, अनुसूचित जाति ब्लॉक अध्यक्ष मनोज भास्कर, मंडल अध्यक्ष प्रमोद पात्रे, मंडल अध्यक्ष रोमी खनूजा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य मनरेगा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना, ग्रामीण रोजगार के अधिकार की रक्षा करना और केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करना रहा।