जिला प्रशासन द्वारा नशामुक्त समाज बनाने की दिशा में चलाई जा रही पहल लगातार प्रभावी साबित हो रही है। कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में संचालित नई दिशा अभियान के तहत जिले के नशा मुक्ति केंद्र अनेक युवाओं के जीवन को नई राह दे रहे हैं। जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों में अब तक 192 हितग्राही पंजीकृत, जिनमें से 181 को पूर्ण नशामुक्त कर नई जिंदगी की ओर अग्रसर किया गया है, जबकि 16 युवक उपचाररत हैं।
संगी मितान सेवा संस्थान द्वारा संचालित मुख्य नशा मुक्ति केंद्र खैरघटा रोड, बलौदाबाजार में स्थित है, जो समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त एवं अनुदानित है। वहीं सेवाओं का विस्तार करते हुए जिले के दूसरे नशा मुक्ति केंद्र का शुभारंभ भाटापारा के महारानी चौक स्थित भवन में किया गया, जिसकी क्षमता 15 युवाओं की है और वर्तमान में 10 युवक यहाँ उपचार ले रहे हैं।
केंद्र की प्रमुख सुविधाएँ:
विशेषज्ञ मनोरोग चिकित्सकों की निगरानी में उपचार
डिटॉक्सिफिकेशन, मेडिकल आकलन व काउंसलिंग
योग, पौष्टिक भोजन, खेलकूद व मनोरंजन
आत्मनिर्भरता हेतु धूपबत्ती, कपूर टिक्की निर्माण का प्रशिक्षण
सुरक्षित आवासीय सुविधा व 24×7 निगरानी
जागरूकता की बड़ी मुहिम:
नई दिशा अभियान के तहत गाँव-गाँव जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिले में अब तक 42 कैंप और 34 कार्यशालाएँ, जिनमें 24,107 विद्यार्थी जुड़े, आयोजित की गई हैं। अभियान के माध्यम से 12,150 लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति सेवाएं पहुंचाई गईं। भारत माता वाहिनी के 140 समूहों के 1400 सदस्य गांवों में दीवार लेखन, पोस्टर और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
युवाओं के जीवन में उजाला:
नशा मुक्ति केंद्र अनेक युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा है। इलाज के बाद कई युवा न केवल पूरी तरह नशामुक्त हुए, बल्कि आत्मनिर्भर भी बने हैं। कुछ को केंद्र में ही केयर टेकर और कुक के रूप में रोजगार मिला है, जिससे उनकी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है।
जिला प्रशासन की यह पहल न केवल युवाओं के जीवन बदल रही है, बल्कि पूरे जिले को नशामुक्त समाज की ओर मजबूत कदम बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।