बलौदाबाजार- जिले के जनपद पंचायत कसडोल अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत स्वीकृत पक्की टार नाली निर्माण कार्य (टार बांध से ऊपर तालाब तक) में भारी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
प्रशासकीय स्वीकृति क्रमांक 2838, दिनांक 11 अगस्त 2023 के तहत स्वीकृत राशि ₹5.98 लाख और कार्य की लंबाई 870 मीटर बताई गई है। किंतु नागरिक सूचना पटल पर कार्य पूर्ण तिथि, 15वें वित्त की राशि, मजदूरी और सामग्री खर्च सहित अन्य आवश्यक जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया है, जो मनरेगा के पारदर्शिता नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
स्थानीय निरीक्षण में पाया गया कि 870 मीटर लंबी नाली में मात्र लगभग 100 मीटर ही निर्माण हुआ है। कार्य टार बांध से तालाब तक होना था, लेकिन इसे बीचोबीच अधूरा छोड़ दिया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अगस्त माह की भारी बरसात के दौरान ही कार्य स्वीकृत और शुरू किया गया, जो तकनीकी रूप से असंभव और वित्तीय अनुशासन के विपरीत माना जाता है।
दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है, जिससे भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता की संभावना और प्रबल होती है।
जनपद मुख्यालय कसडोल से ग्राम बड़गांव काफी दूरी और जंगल क्षेत्र होने के कारण सक्षम अधिकारी यहां निरीक्षण तक नहीं करते, जिससे मनरेगा कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता पूरी तरह नदारद है।
मनरेगा नियमों के अनुसार –
हर कार्य स्थल पर नागरिक सूचना पटल पर संपूर्ण जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
अधूरे कार्यों की स्थिति में संबंधित तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव और जनपद सीईओ की जिम्मेदारी निश्चित की जानी चाहिए।
कार्य की प्रगति रिपोर्ट और मजदूरी भुगतान का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होना चाहिए।
स्थानीय ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ग्राम पंचायत बड़गांव में ऐसे कितने अधूरे कार्य हैं और किनके संरक्षण में यह भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है।