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कबीरधाम में स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी छलांग: मातृत्व अस्पताल, CT स्कैन, एम्बुलेंस से लेकर मेडिकल कॉलेज तक—जिले ने दो साल में रचा नया इतिहास

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कवर्धा , जिले में वर्ष 2023 से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिले के अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, मशीनों, एम्बुलेंस, लैब और मेडिकल शिक्षा से जुड़ी योजनाओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दी है।
जिले को 13 सितंबर 2024 को 50 बिस्तरों वाले मातृत्व एवं शिशु अस्पताल की सौगात मिली। इसके लिए 40 पदों की मंजूरी दी गई, जिससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होगा। इसके बाद 20 जनवरी 2025 को जिला अस्पताल में 16.63 करोड़ रुपये की लागत से बने क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक का लोकार्पण किया गया, जिसका कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
25 फरवरी 2024 को जिला चिकित्सालय में 92.87 लाख रुपये की लागत से आधुनिक हमर लैब (IPHL LAB) शुरू की गई, जिससे मरीजों को कई तरह की जांच की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलने लगी।
1 जुलाई 2025 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार को 27 लाख रुपये की एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई, जबकि 19 जुलाई 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरिया को भी नई एम्बुलेंस मिली।
16 जुलाई 2025 को जिला चिकित्सालय कबीरधाम की क्षमता 100 से बढ़ाकर 220 बिस्तर करने की स्वीकृति दी गई। साथ ही 258 नए पदों को स्वीकृति मिली, जिससे अस्पताल की सेवाएँ और मजबूत होंगी।
25 जुलाई 2025 को जिले को 449.99 लाख रुपये की उन्नत CT स्कैन मशीन की सौगात मिली। इसके अलावा अस्पताल के OT और हमर लैब में Online UPS Power Backup की सुविधा भी स्थापित की गई ताकि महत्वपूर्ण सेवाएं बिजली कटौती से प्रभावित न हों।
बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 24 सितंबर 2025 को 15 लाख रुपये की सोनोग्राफी मशीन दी गई। इसी दिन कर्मचारियों के लिए 2 F-Type क्वार्टर (84 लाख) और 2 G-Type क्वार्टर (31 लाख) का शुभारंभ किया गया।
2 नवंबर 2025 को पिपरिया और सहसपुर-लोहारा दोनों में 50-50 लाख रुपये की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की शुरुआत की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने राजानवागांव उपस्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में और तरेगांव PHC को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत कर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया। पिपरिया और तरेगांव दोनों CHC के लिए 2.5–2.5 करोड़ रुपये की लागत से नए भवनों की स्वीकृति दी गई।
जिले को सबसे बड़ी सौगात तब मिली जब 318 करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई। इससे जिले को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार तीनों क्षेत्रों में बड़ा लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा वनांचल और दूरस्थ इलाकों में लगातार स्वास्थ्य शिविर और सोनोग्राफी कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे अब तक 1000 से अधिक गर्भवती महिलाओं को घर के आसपास ही जांच सुविधा मिल चुकी है।
जिला अस्पताल में BALCO के साथ मिलकर हर महीने मुफ्त कैंसर स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 155 मरीजों की जांच की जा चुकी है।
जिला खनिज न्यास मद से अस्पताल में 14 स्टाफ नर्स की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया गया है।
कुल मिलाकर इन महत्वपूर्ण कार्यों ने कबीरधाम जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत, आधुनिक और व्यापक बनाया है। मातृत्व सेवाओं से लेकर आपातकालीन चिकित्सा, जांच सुविधाओं, भवन निर्माण और मेडिकल शिक्षा तक—जिले में स्वास्थ्य का आधार पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।

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