कवर्धा – जिले में सक्रिय बकरी चोर गिरोह को पुलिस ने एक सटीक और सुनियोजित कार्रवाई में बेनकाब कर दिया है। इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई 16 बकरियाँ और विशेष रूप से मॉडिफाइड इनोवा वाहन जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल चोरी में किया जा रहा था।
रात के अंधेरे में की जा रही थी योजनाबद्ध चोरी
बीते कुछ सप्ताहों से कुकदुर, पंडरिया और कवर्धा थाना क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में रात के समय बकरियों की चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन वारदातों ने ग्रामीण जनता की आजीविका पर सीधा असर डाला और क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बना दिया था।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कबीरधाम पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर त्वरित जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और जमीनी सूचना के आधार पर यह खुलासा हुआ कि एक संगठित गिरोह बिलासपुर के मोपका, मंगला और मगरपारा क्षेत्रों से संचालित हो रहा है।
गिरोह का कार्यप्रणाली और मकसद
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चोरी की गई बकरियों को रात में ही बिलासपुर ले जाकर स्थानीय मटन दुकानों में बेच देते थे। गिरोह बकरी पालन करने वाले गरीब ग्रामीणों को निशाना बनाता था, जो अपनी आजीविका के लिए पशुपालन पर निर्भर थे। इन बकरियों को लाने-ले जाने के लिए इनोवा वाहन को विशेष रूप से मॉडिफाइड किया गया था ताकि चोरी को आसानी से अंजाम दिया जा सके और शक की गुंजाइश न हो।
गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद चतुराई से रची गई थी – सीमित मोबाइल उपयोग, तेजी से इलाके बदलना और तकनीकी निगरानी से बचना – लेकिन कबीरधाम पुलिस की सतर्कता के सामने यह प्रयास असफल रहा।
गिरफ्तार आरोपी – बिलासपुर के निवासी
1. शब्बीर खान (20 वर्ष) – मोपका चिल्हाटी
2. गौरव धूरी (20 वर्ष) – मोपका चिल्हाटी
3. मनीष पटेल (25 वर्ष) – मगरपारा
4. सोहेल खान (20 वर्ष) – मंगला चौक
5. अजय सोनवानी (29 वर्ष) – बजरंग चौक
6. सहबान खान (27 वर्ष) – चिल्हाटी
7. शाहीद खान (19 वर्ष) – चिल्हाटी
इन पर दर्ज अपराध और कानूनी कार्रवाई
गिरोह के खिलाफ निम्नलिखित अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं:
थाना कुकदुर: अपराध क्रमांक 57/2025, धारा 331(2), 305(ए) BNS
थाना कवर्धा: अपराध क्रमांक 183/2025, धारा 305(ए), 331(1) BNS
थाना पंडरिया: अपराध क्रमांक 04/2025, धारा 331(4), 305(ए) BNS
इसके अतिरिक्त, मटन दुकानों के संचालकों के खिलाफ भी कार्यवाही तय की गई है जिन्होंने बिना वैध स्रोत या रसीद के चोरी की बकरियों को खरीदा और बेचा। ऐसे दुकानदारों की पहचान की जा चुकी है और उनके विरुद्ध संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जांच जारी है।
कार्रवाई में शामिल टीम
अभियान में एसपी, एएसपी, एसडीओपी से लेकर थाना प्रभारियों, साइबर सेल व तकनीकी टीम की एकजुटता और तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।
तकनीकी निगरानी, स्थान ट्रैकिंग, सीसीटीवी विश्लेषण और स्थानीय खबरी नेटवर्क के समन्वय से गिरोह की पूरी श्रृंखला को जोड़ा गया।
टीम के सदस्यों जैसे निरीक्षक लालजी सिन्हा, जे एल शांडिल्य, नितिन तिवारी, इंस्पेक्टर मनीष मिश्रा सहित सभी आरक्षकों और सहायक उपनिरीक्षकों ने अथक प्रयास कर इस कार्रवाई को अंजाम तक पहुँचाया।
बकरियों के कंधे पर जुलूस
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से उन बकरियों को उनके कंधों पर लादकर प्रतीकात्मक जुलूस भी निकाला गया, जो उन्होंने चोरी की थीं। यह दृश्य सामाजिक चेतना को जागृत करने और अपराधियों को शर्मिंदा करने की दिशा में एक कड़ा संदेश था – कि कोई भी अपराध, चाहे वह छोटा ही क्यों न हो, अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
गरीब की संपत्ति पर हमला
बकरी चोरी को अक्सर हल्के में लिया जाता है, लेकिन यह वास्तव में गरीब ग्रामीण परिवारों की संपत्ति और आजीविका पर सीधा हमला है। कबीरधाम पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि चाहे चोरी हो, वाहन लूट, साइबर ठगी या सट्टा – हर प्रकार के अपराध के खिलाफ जिले में अब शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है।