किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 17.51 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान कर चुका है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप तथा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष निर्देशों पर तेजी से पूरी की गई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के सतत मार्गदर्शन ने भी प्रक्रिया को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कारखाना प्रबंधन के अनुसार, 30 नवंबर 2025 तक गन्ना विक्रय करने वाले 2596 किसानों को प्रारंभिक रूप से 200 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 6.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बाद एफआरपी 329.05 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार शेष 129.05 रुपये का अंतर भुगतान 11 दिसंबर 2025 को जारी कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, 7 दिसंबर 2025 तक गन्ना बेचने वाले 1966 किसानों को भी संपूर्ण भुगतान उनके बैंक खातों में जमा कर दिया गया है। कुल मिलाकर पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 17.51 करोड़ रुपये सीधे किसानों को प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे क्षेत्र के गन्ना किसानों में खुशी की लहर है। कारखाने के प्रबंध संचालक जी.एस. शर्मा ने बताया कि वर्तमान सीजन में अब तक 62,020 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 58,800 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। यह उपलब्धि किसानों के सहयोग और कारखाना प्रबंधन की कुशल रणनीति का परिणाम है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना लगातार गन्ना उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। समय पर भुगतान की नीति ने किसानों को आर्थिक स्थिरता देने के साथ ही क्षेत्र में सहकारी मॉडल को भी मजबूत किया है। किसानों के लिए महत्वपूर्ण अपील कारखाना प्रबंधन ने गन्ना किसानों से आग्रह किया है कि वे कारखाने में परिपक्व, साफ-सुथरा, बिना जड़ और बिना अगवा किया हुआ गन्ना ही आपूर्ति करें। इससे रिकवरी प्रतिशत बढ़ेगा और किसानों को सीधे अधिक लाभ प्राप्त होगा।