बलौदाबाजार , जिले के जनपद पंचायत भाटापारा के ग्राम पंचायत नवागांव में डी एम एफ फंड से बनी सी सी रोड को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। करीब 10 लाख रुपये खर्च कर पांच मीटर सी सी सड़क अक्टूबर 2025 में दीपावली से ठीक पहले बनकर तैयार हुई थी। लेकिन अब, सिर्फ दो महीने में ही सड़क टूटने और उखड़ने लगी, जिससे धूल से गांव के लोग परेशान हैं।

काम पंचायत के नाम, लेकिन ठेका किसी और को!
सरकार ने यह काम ग्राम पंचायत को दिया था।पर ग्रामीणों का कहना है कि असल में—काम की स्वीकृति साकेत (संकेत) अग्रवाल ने कराई
वही सामग्री भी लाया
और वही सड़क भी बनवाया
मतलब पंचायत के नाम का उपयोग हुआ, लेकिन काम नियमों को तोड़कर ठेके पर दे दिया गया।
यह पंचायती राज अधिनियम के नियमों के खिलाफ है, क्योंकि काम पंचायत के जरिए ही होना चाहिए और कोई बाहरी ठेकेदार बिना प्रक्रिया के काम नहीं कर सकता।
ग्राम प्रतिनिधियों ने क्या कहा
पंच पति रामकुमार निषाद (वार्ड 06)
“सड़क बनते समय जब हमने खराब काम की बात कही, सरपंच पति ने ध्यान नहीं दिया।”
“पंचायत की बैठक में खर्च का हिसाब भी नहीं बताया जाता।”
“काम में बहुत खराब सामग्री डाली गई, इसलिए सड़क जल्दी खराब हो गई।”
उपसरपंच पति अश्वनी साहू
“काम को नियम के खिलाफ ठेका पर दे दिया गया।”
“सीमेंट–रेत की मात्रा कम रखी गई, पानी भी ठीक से नहीं डाला गया।”
“इस वजह से सड़क दो महीने में ही उखड़ रही है और धूल उड़ रही है।”
👉 सबसे बड़ा खुलासा – सरपंच पति वर्मा
उन्होंने खुद माना कि—
“साकेत अग्रवाल ने डी एम एफ से काम की स्वीकृति दिलाई।”
“सामग्री भी उसी ने खरीदी और अपने हिसाब से सड़क बनवाई।”
“और मुझे 10% कमीशन दिया।”
यह बात साफ साबित करती है कि डी एम एफ फंड का बंदरबांट हुआ है।





