बलौदाबाजार प्रवास पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने सिमगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेंशन दिलाने के नाम पर कथित उगाही के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत में मंत्री ने दो टूक कहा कि रिश्वतखोरी या उगाही में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने कहा कि पेंशन से जुड़े मामले गरीब और बुजुर्ग नागरिकों से सीधे जुड़े होते हैं, ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार गंभीर अपराध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मामले की फाइल तुरंत तलब कर जांच शुरू की जाए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बीजेपी में कथित गुटबाजी के आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस के दावों को पूरी तरह खारिज किया। बिलासपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने इसे महज लिपिकीय त्रुटि बताया और कहा कि पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने आंतरिक हालात से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मुद्दे उछाल रहा है।
मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने मीडिया को सरकार की “आंतरिक आंख” बताते हुए कहा कि प्रशासन की कमियों को उजागर करना मीडिया की जिम्मेदारी है। यदि कोई अधिकारी मीडिया को नजरअंदाज करता है तो उस पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। दौरे के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा की मौजूदगी से यह संदेश भी गया कि सरकार जिले के प्रशासनिक, पेंशन और राजस्व मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है।