भारत सरकार की कायाकल्प–स्वच्छ अस्पताल योजना 2024-25 के अंतर्गत प्रदेशभर के स्वास्थ्य संस्थानों के मूल्यांकन परिणाम जारी किए गए, जिसमें बलौदाबाजार जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और रोगी-अनुकूल सेवाओं के क्षेत्र में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। जिला अस्पताल बलौदाबाजार ने 94 प्रतिशत अंकों के साथ पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध किया है कि निरंतर गुणवत्ता सुधार, टीमवर्क और प्रतिबद्धता से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा सकता है। प्रथम स्थान जिला अस्पताल सूरजपुर को 94.9 प्रतिशत अंकों के साथ मिला।
इस उपलब्धि को और गौरवपूर्ण बनाते हुए जिले के कुल 90 स्वास्थ्य संस्थान कायाकल्प योजना के तहत पुरस्कृत हुए, जिनमें 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सिमगा, सुहेला, पलारी, लवन), 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 66 उप स्वास्थ्य केंद्र, तथा 1 शहरी स्वास्थ्य केंद्र (मेहता नगर, भाटापारा) शामिल हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में कटगी ने 99.7 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि उप स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में झीपन-एन 97.5 प्रतिशत अंकों के साथ अव्वल रहा।
कलेक्टर दीपक सोनी ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि कायाकल्प योजना का उद्देश्य केवल पुरस्कार प्राप्त करना नहीं, बल्कि स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक स्थायी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए मरीजों को बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने बताया कि कायाकल्प योजना सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण के उच्च मानक स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है। इस योजना के माध्यम से अस्पतालों को रोगी-अनुकूल बनाते हुए स्वच्छता को दैनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया जा रहा है।
यह सफलता न केवल बलौदाबाजार जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि स्वच्छता और गुणवत्ता पर केंद्रित प्रयास देशभर में मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की नींव रख सकते हैं।