जिले में वन भूमि पर अवैध उत्खनन और ईंट निर्माण के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देश पर वन परिक्षेत्र अर्जुनी की विभागीय टीम ने गिण्डोला परिवृत्त का औचक निरीक्षण किया, जहां वनाधिकार क्षेत्र में अवैध गतिविधियां संचालित पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि रूपसिंह पैंकरा एवं मंगलराम पैंकरा द्वारा वनाधिकार क्षेत्र में अवैध उत्खनन कर ईंटों का निर्माण किया जा रहा था। इतना ही नहीं, ईंटों को पकाने के लिए वन क्षेत्र से लाई गई अवैध जलाऊ लकड़ी का भी उपयोग किया जा रहा था, जो वन कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 तथा वन संरक्षण अधिनियम, 1980 की धारा 2 के अंतर्गत तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से तैयार ईंटों एवं अवैध जलाऊ लकड़ी को जब्त कर पीओआर (प्रकरण अपराध रिपोर्ट) जारी की है।
वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वन भूमि पर अवैध उत्खनन और ईंट निर्माण जैसी गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी गंभीर क्षति पहुंचाती हैं। उन्होंने आम नागरिकों से वन एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सतत निगरानी और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश देती है कि वन संपदा से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कानून पूरी सख्ती से लागू किया