छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रयागराज माघ मेले में जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने और उनके साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। कांग्रेस ने इसे सनातन परंपराओं पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि यह घटना भाजपा के हिंदू-विरोधी चरित्र को उजागर करती है।
आयोजित प्रेस वार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे और कृषक कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी स्वयं को हिंदुओं की हितैषी बताती है, वही आज हिंदू संतों और सदियों पुरानी सनातन परंपराओं का अपमान कर रही है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले लगभग 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं, लेकिन पहली बार उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से वंचित किया गया। मौनी अमावस्या का शाही स्नान सनातन संस्कृति की अत्यंत पवित्र परंपरा है, जिसे रोकना सीधे-सीधे सनातन धर्म का अपमान है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी चिंता जताई कि शंकराचार्य ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका व्यक्त की है और वे पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठे हैं, इसके बावजूद सरकार की ओर से उनसे संवाद करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार की घोर असंवेदनशीलता और तानाशाही रवैये का उदाहरण बताया।
प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, परमेश्वर यदु, राकेश वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस शहर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रवीण सेन, ग्रामीण अध्यक्ष दीपक साहू, वरिष्ठ कांग्रेस नेता संदीप पाण्डेय, मानस पाण्डेय, विमल साहू, जनपद सदस्य आर्यन शुक्ला, अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग जितेन्द्र नवरत्न, गोल्डी माररया, सूर्यकांत वर्मा, महिला कांग्रेस से गौरी भृगु, अमर मिश्रा, सुरेंद्र यादव, ईश्वर प्रसाद यादव, राजू जायसवाल, रिंकू वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य का अपमान केवल एक संत का नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन मानने वालों की आस्था का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष तेज करने का संकेत दिया है।