जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत लटुवा में अवैध प्लाटिंग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना किसी वैधानिक एन.ओ.सी. के बड़े पैमाने पर प्लाट काटकर मकान निर्माण कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी जनआक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खसरा नंबर 2735 एवं 839 की भूमि में आधी जमीन खरीदने के बाद शेष जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग की जा रही है। इतना ही नहीं, घास भूमि (चरनोई भूमि) को भी कथित तौर पर बेचकर जमीन दलालों द्वारा अवैध रूप से प्लाट काटे गए हैं।
बताया जा रहा है कि अवैध प्लाटिंग के लिए नहर को पाटकर कब्जा किया गया है, जो लटुवा में प्रवेश करते ही साफ दिखाई देता है। यह अवैध गतिविधि पानी टंकी, पटवारी कार्यालय एवं धरमु सरोवर के आसपास खुलेआम चल रही है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जमीन दलाल खुलेआम क्षेत्र में घूमकर लोगों को लोकलुभावन बातों में फंसाकर जमीन की साठगांठ से बिक्री कर रहे हैं। इस पूरे मामले की जानकारी पटवारी, आरआई और तहसील स्तर के अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासनिक भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत लटुवा में चल रही अवैध प्लाटिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा इसमें शामिल जमीन दलालों, जनप्रतिनिधियों एवं राजस्व अमले के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।