जिला कबीरधाम पुलिस ने रानीदहरा जलप्रपात के समीप मिले अज्ञात महिला के शव के मामले में त्वरित एवं पेशेवर कार्रवाई करते हुए महज पांच दिनों के भीतर सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
19 मार्च 2026 को रानीदहरा जलप्रपात के पास एक अज्ञात महिला का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। मृतिका की पहचान न होने से मामला जटिल बन गया था। थाना बोड़ला में अपराध क्रमांक 34/2026 धारा 103(1), 238(क), 61(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और फील्ड जांच के आधार पर मात्र दो दिनों में मृतिका की पहचान मुंगेली जिले की निवासी सुखमती बैगा के रूप में की। जांच के दौरान संदेह की सुई देवेन्द्र प्रसाद जायसवाल की ओर घूमी, जो घटना के बाद पुणे (महाराष्ट्र) में छिपा हुआ था।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पुणे से देवेन्द्र को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपने पिता केषव प्रसाद जायसवाल और सहयोगी मनोज पटेल के साथ मिलकर 16 मार्च की शाम सुनियोजित हत्या करना स्वीकार किया। खुलासा हुआ कि मृतिका के साथ प्रेम संबंध और सामाजिक बदनामी के भय से आरोपियों ने उसे जलप्रपात ले जाकर पत्थर से हमला कर हत्या की और शव झरने में फेंक दिया।
मेमोरेंडम के आधार पर डमी पुतले से सीन रिक्रिएट कर घटना की पुष्टि की गई तथा महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए। कबीरधाम पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क से यह जटिल मामला अल्प समय में सुलझाया जा सका।