कवर्धा। छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन, जिला कबीरधाम द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कलेक्टर की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर देवांगन को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में लंबे समय से लंबित पत्रकार सुरक्षा कानून को शीघ्र प्रभाव से लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
यह ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर दुबे के निर्देशानुसार सौंपा गया। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार शासन, प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत कड़ी का कार्य करते हैं तथा समाज के विभिन्न मुद्दों को निष्पक्षता से सामने लाकर जनहित में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। विशेष रूप से संवेदनशील और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले पत्रकारों को अनेक चुनौतियों और दबावों का सामना करना पड़ता है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पिछले कुछ वर्षों में पत्रकारों के विरुद्ध झूठी, दुर्भावनापूर्ण एवं अनावश्यक शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई है। कई मामलों में केवल खबर प्रकाशित करने या जनहित के मुद्दे उठाने पर पत्रकारों को मानसिक प्रताड़ना, दबाव और अनावश्यक कानूनी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। इससे स्वतंत्र पत्रकारिता का वातावरण प्रभावित होता है और पत्रकारों के भीतर असुरक्षा की भावना बढ़ती है।
यूनियन ने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्ष 2023 में पत्रकार सुरक्षा संबंधी विधेयक विधानसभा में पारित किया जा चुका है और उसका राजपत्र में प्रकाशन भी हो चुका है, लेकिन आज तक उसे पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है। इसी कारण प्रदेश के पत्रकार अब भी अपेक्षित कानूनी सुरक्षा से वंचित हैं। संगठन ने सरकार से मांग की कि पारित कानून को शीघ्र लागू कर पत्रकारों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाए।
ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए बताया गया कि इस कानून के लागू होने से झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर नियंत्रण लगेगा, पत्रकार निर्भीक एवं निष्पक्ष होकर कार्य कर सकेंगे, धमकी, दबाव और प्रताड़ना जैसी घटनाओं में कमी आएगी तथा स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिक मजबूत होगी। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पत्रकार सुरक्षित रहेंगे तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी मजबूत रहेगा।





