आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ (भारतीय मजदूर संघ संबद्ध) द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की विभिन्न लंबित मांगों को शासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने के उद्देश्य से 17 अगस्त 2026 को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में संघ ने जिला कलेक्टर को सूचना देते हुए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। प्रदर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की मांगों पर सकारात्मक पहल की अपील की जाएगी।
संघ द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं माताओं से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं के संचालन में निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। संगठन का कहना है कि विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व में भी समय-समय पर शासन को ज्ञापन एवं आवेदन प्रस्तुत किए जाते रहे हैं। संघ ने शासन से संवाद और सकारात्मक समाधान की अपेक्षा जताते हुए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का निर्णय लिया है।
संघ की प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा प्रदान करना शामिल है। मांगपत्र में कहा गया है कि जिस प्रकार शिक्षा कर्मी एवं पंचायत कर्मियों के लिए नीतियां बनाकर उन्हें नियमित किया गया, उसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के हित में भी ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।
इसके साथ ही संघ ने न्यूनतम वेतन प्रदान करने की मांग रखी है। शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिलने तक कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को न्यूनतम वेतन उपलब्ध कराने तथा मध्यप्रदेश की तर्ज पर आवश्यक सुविधाएं लागू करने की मांग की गई है। साथ ही प्रतिवर्ष मानदेय में 1000 रुपये की वृद्धि के लिए एग्रीमेंट किए जाने की मांग भी रखी गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी संगठन ने महत्वपूर्ण मांगें सामने रखी हैं। मांगपत्र में सामाजिक सुरक्षा के तहत मासिक पेंशन, बीमा, सेवानिवृत्ति एवं मृत्यु की स्थिति में एकमुश्त राशि तथा ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं प्रदान किए जाने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि लंबे समय से विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सामाजिक सुरक्षा जरूरी है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि 17 अगस्त को प्रस्तावित कार्यक्रम लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। संगठन का उद्देश्य शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना तथा संवाद के माध्यम से समाधान का रास्ता तैयार करना है। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने उम्मीद जताई है कि शासन उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक पहल करेगा। प्रस्तावित सांकेतिक धरना-प्रदर्शन को संघ द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से शासन तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।