BP NEWS CG
Breaking Newsछत्तीसगढ़पंडरियापंडरिया विधायकबड़ी खबरभावना बोहरा न्यूजसमाचारसिटी न्यूज़

नारी शक्ति वंदन बिल पर सियासी संग्राम: पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विपक्ष पर साधा तीखा निशाना

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow

लोकसभा में प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासत तेज हो गई है। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े इस संवैधानिक संशोधन विधेयक पर विपक्षी दलों के रुख को लेकर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है।

विधायक बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को नीति निर्माण और नेतृत्व में बराबरी का अवसर देने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया था। उनके अनुसार, लोकसभा में विशेष सत्र बुलाकर इस विधेयक को पारित कराने की कोशिश की गई, लेकिन कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने मिलकर इसका विरोध किया।

“महिलाएं वोट बैंक नहीं, राष्ट्र की शक्ति हैं”

भावना बोहरा ने कहा कि महिला आरक्षण का यह विधेयक केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के लंबे संघर्ष, उनके सपनों और समान भागीदारी के अधिकार का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस ऐतिहासिक अवसर को बाधित किया।

उन्होंने कहा, “महिलाएं केवल वोट बैंक नहीं हैं, वे इस देश की शक्ति और भविष्य हैं। उनके अधिकारों को बार-बार टालना या कुचलना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।”

केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख

विधायक ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना, आवास योजना, शौचालय निर्माण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, तीन तलाक कानून की समाप्ति जैसे निर्णय महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए लाया गया यह विधेयक भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है।

उनके मुताबिक, महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और निर्णायक भूमिका में स्थापित करने का प्रयास किया है, लेकिन विपक्ष ने इसे समर्थन देने के बजाय विरोध की राजनीति की।

“हर गांव-शहर में गूंजेगा मुद्दा”

एक महिला जनप्रतिनिधि होने के नाते इस विषय को संवेदनशील बताते हुए भावना बोहरा ने कहा कि नारी शक्ति का यह मुद्दा अब केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा। “हर गांव, हर शहर और हर मंच पर इस पर चर्चा होगी। देश की माताएं-बहनें लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगी,” उन्होंने कहा।

विपक्ष पर राष्ट्रहित के मुद्दों पर भी विरोध का आरोप

विधायक बोहरा ने यह भी कहा कि विपक्ष ने पूर्व में धारा 370, तीन तलाक, वन नेशन-वन इलेक्शन और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी नकारात्मक रुख अपनाया। उनके अनुसार, लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का विरोध यह दर्शाता है कि विपक्ष सकारात्मक सुझाव देने के बजाय हर बड़े निर्णय में बाधा डालने की मानसिकता से ग्रसित है।

राजनीतिक पारा चढ़ा

महिला आरक्षण को लेकर देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर सत्तापक्ष इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसके क्रियान्वयन और समयसीमा को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

फिलहाल, नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर सियासत अपने चरम पर है और इसका असर जमीनी राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

सड़क नहीं, खतरे का सफर: लवन–पैसर–सिरियाडीह मार्ग बना गड्ढों का समंदर

Bhuvan Patel

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास रथ रवाना

Bhuvan Patel

कलयुग के विकार रूपी आचरण से बचना – महंत सर्वेश्वर दास

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!