सहसपुर लोहारा (कबीरधाम)। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम बीरनपुर कला में अवैध विद्युत झटका तार ने पिता-पुत्र की जिंदगी छीन ली। बुधवार सुबह खेत में करंट लगने से किसान गोकरण पटेल (55) और उनके पुत्र परमेश पटेल (22) की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जानकारी के अनुसार, जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए खेत की मेड़ पर अवैध रूप से विद्युत झटका तार लगाया गया था। लगातार बारिश के कारण खेत में पानी भरने से करंट का खतरा और बढ़ गया। काम के दौरान परमेश करंट की चपेट में आया। बेटे को बचाने दौड़े पिता गोकरण भी करंट की गिरफ्त में आ गए और दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
नियम क्या कहते हैं
विद्युत अधिनियम 2003 (Electricity Act, 2003) के तहत बिना अनुमति सीधे लाइन से बिजली लेकर झटका तार लगाना गैरकानूनी है। धारा 135 बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन को दंडनीय अपराध मानती है। वहीं Central Electricity Authority के सुरक्षा विनियमों के अनुसार खुले क्षेत्र में बिना इंसुलेशन वाले विद्युत तार लगाना मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा है। ऐसी स्थिति में जिम्मेदार व्यक्ति पर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है।
चिंताजनक बात यह है कि पिछले वर्ष भी इसी विकासखंड में झटका तार से एक मौत हुई थी, लेकिन उसके बाद न प्रशासन ने व्यापक अभियान चलाया, न बिजली विभाग ने सख्ती दिखाई। परिणाम—एक और दर्दनाक हादसा।
अब बड़ा सवाल यह है कि अवैध झटका तार लगाने वालों के साथ-साथ बिजली विभाग, स्थानीय प्रशासन और निगरानी तंत्र की जिम्मेदारी कब तय होगी। ग्रामीणों ने विशेष जांच अभियान, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की है। यदि अब भी सख्त कदम नहीं उठे, तो यह मौत का जाल और कितनी जानें लेगा।