कबीरधाम जिले के बोड़ला थाना क्षेत्र में हुए अंधे हत्याकांड का पुलिस ने सात दिनों के भीतर खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिस व्यक्ति के साथ मृतक आखिरी बार देखा गया था, वही उसका हत्यारा निकला। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े और मृतक की मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
जानकारी के अनुसार 15 जुलाई 2026 को ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास एक अज्ञात युवक का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने पर बोड़ला थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में मृतक की पहचान उदय प्रताप सिंह राजपूत (34 वर्ष), निवासी लवकुश नगर, जामुल, जिला दुर्ग के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और सीने पर ठोस एवं भोथरी वस्तु से गंभीर चोट लगने के कारण हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।
मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ घटनास्थल और आसपास के टोल प्लाजा तथा भोरमदेव क्षेत्र के 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक आखिरी बार अपने मित्र हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट के साथ मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 BM 6475 पर देखा गया था।
संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने पर हीरासिंह उर्फ बउवा केंवट (45 वर्ष), निवासी घासीदास नगर, जामुल, जिला दुर्ग ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 14 जुलाई को वह उदय प्रताप सिंह को शराब पीने और घूमने के बहाने भोरमदेव-चिल्फी घाटी की ओर ले गया था। रास्ते में मोटरसाइकिल से गिरने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में आकर उसने ग्राम बंजारी स्थित नायक ढाबा के पास पत्थर से मृतक के सिर और सीने पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव को मौके पर छोड़कर मृतक की मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खून से सना पत्थर, घटना के समय पहने गए कपड़े और मृतक की मोटरसाइकिल बरामद कर जब्त कर ली। पुलिस ने घटनास्थल पर आरोपी से घटनाक्रम का डेमो भी कराया, जिसकी वीडियोग्राफी कराई गई।
22 जुलाई 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई से एक सप्ताह से उलझे अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया। तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंचकर मामले का खुलासा किया।