सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत कवर्धा परियोजना से की गई। कार्यक्रम के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों, माताओं और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता वाला मंच बनाने के साथ बच्चों की रचनात्मकता, महिलाओं की प्रतिभा और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। कवर्धा परियोजना के बाद जिले की अन्य महिला एवं बाल विकास परियोजनाओं में भी यह कार्यक्रम निर्धारित तिथियों के अनुसार क्रमवार आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए चित्रकला तथा महिलाओं के लिए रंगोली, मेहंदी और पारंपरिक व्यंजन जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। नन्हे बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। वहीं महिलाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने के साथ महिलाओं की सहभागिता को बढ़ावा देना रहा।
‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय परिवार और समुदाय की भागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया। माताओं और अभिभावकों को बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के साथ सहज संवाद के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति अपनत्व का वातावरण बनाने की पहल की गई।
बच्चों की चित्रकारी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। नन्हे हाथों से बनाए गए चित्रों में प्रकृति, परिवार, राष्ट्र और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों को स्थान मिला। बच्चों को अपनी कल्पनाओं और विचारों को चित्रों के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर मिला। इससे बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने के साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का प्रयास किया गया।
महिलाओं ने रंगोली, मेहंदी और पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी कला और स्थानीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के संचालन और बच्चों तथा महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने में भूमिका निभाई। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं से शासन की योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता के उपयोग के संबंध में भी जानकारी ली गई। महिलाओं ने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग परिवार की आवश्यकताओं के साथ बच्चों और बेटियों के भविष्य से जुड़ी योजनाओं तथा बचत में किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से जागरूक और परिवार के भविष्य की बेहतर योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
कवर्धा परियोजना में शुरुआत के बाद अब जिले की अन्य परियोजनाओं में तिथि-वार कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रत्येक परियोजना क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर बच्चों, माताओं, अभिभावकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भागीदारी से गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इससे जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और बच्चों के लिए सीखने का आनंददायक वातावरण तैयार करने की दिशा में पहल आगे बढ़ेगी।