जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर दो विकासखंडों से जुड़े मामले चर्चा में हैं। बोड़ला विकासखंड के ग्राम राजाढ़ार में पांच हितग्राहियों से आवास निर्माण के नाम पर 3 लाख 20 हजार रुपये लेने के आरोप में ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ चिल्फी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, पंडरिया विकासखंड की कांदावानी, बिरहुलडीह और तेलियापानी सहित अन्य पंचायतों में भी आवास योजना की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
राजाढ़ार में पांच हितग्राहियों की शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजाढ़ार के पांच हितग्राहियों ने ठेकेदार कुमार मेरावी, निवासी ग्राम शीतलपानी, ग्राम पंचायत ढोलबज्जा, के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आवास निर्माण के नाम पर उनसे रकम ली गई, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी निर्माण नहीं कराया गया और पैसे वापस नहीं लौटाए गए।
शिकायत के मुताबिक, देवसिंह, मंधोर बाई और पुसिया बाई से 60-60 हजार रुपये, कौशल्या बाई से 80 हजार रुपये और ननकी बाई से 60 हजार रुपये लिए गए। कुल राशि 3 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी।
पंडरिया में आवास निर्माण की स्थिति पर सवाल
पंडरिया विकासखंड की कांदावानी, बिरहुलडीह और तेलियापानी पंचायतों में भी योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन पंचायतों में कथित अनियमितताओं की प्रकृति और शिकायतों की स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में संबंधित अधिकारियों द्वारा स्वीकृत आवासों, जारी किस्तों और निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। यदि अनियमितता मिलती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
बोड़ला में दर्ज एफआईआर ने आवास योजना की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब पंडरिया की पंचायतों में निर्माण की वास्तविक स्थिति और हितग्राहियों की शिकायतों पर प्रशासन की जांच से ही तस्वीर स्पष्ट होगी।