कवर्धा। कबीरधाम जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित यौन अपराध के मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी की गिरफ्तारी में कथित देरी और परिवार को धमकियां मिलने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 16 जून 2026 को पंडरिया थाने में अपराध क्रमांक 140/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आवेदन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 64(2)(m), 65(1), 351(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 का उल्लेख किया गया है।
प्राथमिकी के बाद कार्रवाई पर सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आरोपी के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार ने जांच में तेजी लाने और प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। हालांकि, जांच की वर्तमान स्थिति और आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
मामला वापस लेने के लिए धमकी देने का आरोप
आवेदन में पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष की ओर से मामला वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक, गांव में बैठक करने और रास्ते में आते-जाते समय परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। परिवार का कहना है कि इन कथित धमकियों से उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो धमकी से संबंधित मामले में भी कानून के अनुसार कार्रवाई आवश्यक होगी। साथ ही, जांच को प्रभावित होने से बचाने और शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है।
पॉक्सो मामले में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा जरूरी
नाबालिगों के विरुद्ध कथित यौन अपराधों से संबंधित मामलों में पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाना आवश्यक है। पीड़ित बच्चे की पहचान, निजता और गरिमा की रक्षा करना भी कानूनी दायित्व है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने, आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजरें
इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच किस स्तर पर पहुंची है, आरोपी के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई हुई है और धमकी संबंधी शिकायत पर पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं, इन सवालों पर आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है।
फिलहाल, पीड़ित परिवार की शिकायत ने मामले की जांच में तेजी, निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का पक्ष मिलने के बाद प्रकरण की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।