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शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय रायपुर में महिला प्रोफ़ेसर के साथ दुर्व्यवहार की जांच के लिए भावना बोहरा ने विधानसभा में उठाया प्रश्न, विभागीय मंत्री ने कहा 3 दिन के भीतर होगी कार्यवाही

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पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने आज विधानसभा में महिला के साथ दुर्व्यवहार एवं विशाखा समिति के संबंध में बहुत ही संवेदनशील विषय सदन के समक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2018 में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर में पदस्थ प्रिंसिपल जी.आर.चतुर्वेदी द्वारा महिला प्रोफ़ेसर के साथ किये गए दुर्व्यवहार के विषय में अब तक कार्यवाही नहीं होने के संबंध में प्रश्न किया और उसमें विशाखा समिति की तत्कालीन अध्यक्ष जिन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की अनुशंसा की गई उनके ऊपर खुद झूठा आरोप लगाने के विषय की जानकारी भी सदन में रखी और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की।
भावना बोहरा ने प्रश्न किया वर्ष 2018 में कांग्रेस शासन के दौरान शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर में पदस्थ संविदा प्रोफ़ेसर अनीता शर्मा द्वारा वर्तमान प्राचार्य जी.आर. चतुर्वेदी के खिलाफ दुर्व्यवहार करने की शिकायत की थी, जिसकी जांच विशाखा समिति द्वारा तत्कालीन समिति अध्यक्ष डॉ. सरोज परहाते की अध्यक्षता में की गई जिसमें प्राचार्य जी.आर. चतुर्वेदी और उनके सहयोगी सेवानिवृत्त शांति किशोर मांझी को दोषी पाया गया था। लेकिन अधिकारियों द्वारा इसकी जांच अभी तक लंबित हैं और इसमें दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। भावना बोहरा ने कहा कि विशाखा समिति की जांच में प्राचार्य जी.आर.चतुर्वेदी को दोषी पाया गया परन्तु तत्कालीन समय में डॉ. सरोज परहाते को षड्यंत्रपूर्वक विशाखा समिति से हटा दिया गया एवं उनके ऊपर झूठे आरोप लगाए गए वहीं दोषी प्राचार्य का प्रमोशन कर दिया गया। आज 8 वर्ष हो गए हैं लेकिन अनीता शर्मा को अब तक न्याय नहीं मिला है वहीं दोषी का प्रमोशन कर दिया गया है इसके खिलाफ जल्द से जल्द जांच पूरी कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग भावना बोहरा ने सदन के समक्ष की।
भावना बोहरा के प्रश्न का प्रतिउत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जी ने कहा कि वर्ष 2018 में हुई यह घटना बहुत ही संवेदनशील है और इस शिकायत की जांचकर्ता डॉ. सरोज परहाते पर भी झूठे आरोप लगाए गए हैं। यह संवेदनशील विषय है और उन दोनों महिलाओं के साथ अन्याय हुआ है और 9 जनवरी 2023 को माननीय उच्च न्यायालय ने इस विषय को संज्ञान में लेते हुए पुनः जांच करने के निर्देश दिए जिसकी पुनः विशाखा समिति द्वारा जांच की गई और उस जांच की रिपोर्ट शासन के पास आ चुकी और जांच रिपोर्ट में अनुशंसा की गई है कि प्राचार्य जी.आर.चतुर्वेदी को अन्यत्र स्थान्तरण करने एवं जो समाचार पत्रिका है उसपर जनसंपर्क के माध्यम से कार्यवाही करने हेतु समिति ने अनुशंसा की है साथ ही उनके सहयोगी जो रिटायर्ड हो चुके हैं शांति किशोर मांझी पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी और यह कार्रवाई 3 दिनों के भीतर की जाएगी।
भावना बोहरा ने स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं के संबंध में प्रश्न पूछा कि वर्ष 2023 से 1 फरवरी, 2025 तक कबीरधाम जिले अंतर्गत पंजीकृत प्राइवेट हॉस्पिटलों में आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड से इलाज संबंधित कितनी शिकायतें प्राप्त हुई हैं? उन पर क्या कार्रवाई की गई? क्या आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड से राशि समायोजित करने के उपरांत नगद राशि लेने का प्रावधान है? यदि हां तो किस नियम तक के तहत राशि ली जाती है? यदि राशि लेने का प्रावधान नहीं है तो इससे संबंधित प्राप्त शिकायतों पर प्राइवेट अस्पतालों के ऊपर नियमों के तहत क्या-क्या कार्रवाई की गई? जिसके लिखित प्रतिउत्तर में माननीय लोक स्वास्थ्य मंत्री जी ने बताया कि वर्ष 2023 से 01 फरवरी, 2025 तक कबीरधाम जिला अंतर्गत पंजीकृत प्राइवेट हॉस्पिटलों में आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड से इलाज संबंधित कुल 06 शिकायतें प्राप्त हुई है। जिनके ऊपर नियमानुसार कारण बताओ नोटिस एवं स्पष्टीकरण माँगा गया है। आयुष्मान कार्ड एवं राशन कार्ड से राशि समायोजित करने के उपरांत नगद राशि लेने का प्रावधान नही है । प्राप्त शिकायतों पर प्राइवेट हॉस्पिटलों से स्पष्टीकरण लिया जाता है एवं संबंधित हितग्राहियों को राशि वापस दिलाया गया है तथा चेतावनी पत्र प्रेषित किया गया है।
भावना बोहरा ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के संबंध में प्रश्न करते हुए पूछा कि जिला कबीरधाम अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत वर्ष 2024-25 में 15 फ़रवरी 2025 तक कितनी सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हुई है एवं इस हेतु कितनी राशि की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है ? स्वीकृत सड़कों में से कितनी लम्बाई की कितनी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है? कितनी सड़कों का निर्माण प्रक्रियाधीन है? कितनी सड़कों का निर्माण कार्य अप्रारम्भ है ? अप्रारम्भ एवं अपूर्ण सड़कों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा ? क्या मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों की गुणवत्ता की जाँच की गई है? यदि हाँ तो जाँच में क्या कोई गुणवत्ताहीन कार्य पाया गया है? यदि हां तो दोषी पाए ठेकेदारों पर क्या कार्यवाही की गई ? जिसके लिखित उत्तर में गृह मंत्री जी ने बताया कि बोड़ला विकासखंड अंतर्गत कुल 6 सड़कें स्वीकृत हैं जिसमें से 2 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं और 4 निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रियाधीन है जिसकी वजह से वह अप्ररम्भ है। सहसपुर लोहरा विकासखंड अंतर्गत कुल 12 सड़कें स्वीकृत हैं जिसमें से 10 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं और 2 निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रियाधीन है जिसकी वजह से वह अप्ररम्भ है। कवर्धा विकासखंड अंतर्गत कुल 13 सड़कें स्वीकृत हैं जिसमें से 2 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं और 10 निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रियाधीन है जिसकी वजह से वह अप्ररम्भ है तथा 1 निर्माण कार्य स्थल उपलब्ध नहीं होने के कारण स्वीकृति निरस्त की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना अंतर्गत उपरोक्त प्रगतिरत कार्यों की गुणवत्ता की जांच की गई है। कोई कार्य गुणवत्ताहीन नहीं पाया गया।

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