कवर्धा – हर वर्ष 15 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व कला दिवस न केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति का उत्सव है, बल्कि यह दिन उन कलाकारों को समर्पित है जो अपनी कला के माध्यम से समाज को संवेदनशीलता, सौंदर्य और सोचने की शक्ति प्रदान करते हैं। इस विशेष अवसर पर कवर्धा जनपद पंचायत अध्यक्ष सुषमा गणपत बघेल ने समस्त कलाकारों और कला प्रेमियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा, “कला केवल रंगों, सुरों या शब्दों तक सीमित नहीं होती – यह समाज की आत्मा है। कलाकार अपने दृष्टिकोण, मेहनत और सृजनात्मकता के ज़रिए समाज को एक नई दिशा और चेतना प्रदान करते हैं। उनके बिना सामाजिक विकास अधूरा है।”
सुषमा बघेल ने आगे कहा कि विश्व कला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमें कला के विविध रूपों – चित्रकला, संगीत, नृत्य, शिल्प, नाटक और साहित्य – को न सिर्फ संरक्षण देना चाहिए, बल्कि उन्हें और अधिक सशक्त बनाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा ले सकें।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि समाज को कलाकारों का अधिक सम्मान करना चाहिए और उनकी रचनात्मकता को मंच देने के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए।
विश्व कला दिवस का उद्देश्य कलात्मक विविधता को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक जागरूकता फैलाना और कलाकारों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रेरित करना है।