कवर्धा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भारत सरकार के निर्देशानुसार एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में, राज्य के टोल प्लाजा कर्मियों के लिए विगत तीन माह से क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 22 अप्रैल से 27 अप्रैल 2025 तक, कबीरधाम जिले के मुढियापारा टोल प्लाजा के कर्मियों को दो बैच में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
एच.एल.एफ.पी.पी.टी. छत्तीसगढ़ के राज्य प्रशिक्षक सुरेश कापसे ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सीपीआर तकनीक का अभ्यास करवाते हुए उन्हें किसी भी महिला, पुरुष या बच्चे की आपात स्थिति में जान बचाने में सक्षम बनाया। साथ ही सड़क सुरक्षा, कार्यशैली के नियम, तनाव प्रबंधन, संवाद कौशल, आपातकालीन परिस्थितियों का प्रबंधन, सकारात्मक व्यवहार, समय प्रबंधन, टोल पर यात्रियों के सम्मान का महत्व, व्यक्तिगत स्वच्छता, फास्टैग के लाभ और 1033 आपातकालीन सेवा के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। ‘नमस्ते संस्कृति’ के महत्व को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान टोल कर्मियों ने खेल, गीत, संगीत और नृत्य में भाग लेकर अपनी छुपी प्रतिभाओं का भी शानदार प्रदर्शन किया।
समापन अवसर पर, टोल संचालक कंपनी माँ नर्मदा ट्रेडर्स के प्लाज़ा मैनेजर रत्नेश सेन ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निर्देशक, प्रशिक्षण सुपरवाइजर दिलीप पांडेय और प्रशिक्षक सुरेश कापसे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल अत्यंत प्रभावी रहा बल्कि कर्मियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला साबित हुआ।
टोल प्लाजा के कुल 28 कर्मियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लेकर जीवन रक्षक कौशल अर्जित किया और यह संकल्प लिया कि वे प्रत्येक यात्री के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बने रहेंगे। कर्मियों ने भविष्य में भी वर्ष में एक बार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम की मांग की है।