प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले आवास मित्रों पर जनपद पंचायतों ने सख्त रुख अपनाया है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां व मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायतों में कार्यरत कुल 27 आवास मित्रों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, भरतपुर/मनेन्द्रगढ़ जनपद क्षेत्र में कार्यरत 11 अन्य कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला पंचायत कार्यालय द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि इन आवास मित्रों द्वारा अपने-अपने ग्राम पंचायतों में कार्य के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई। इनमें बैठकों से अनुपस्थिति, शून्य प्रगति, क्षेत्रीय भ्रमण न करना और योजना के उद्देश्यों की अनदेखी जैसे गंभीर लापरवाहियों के प्रमाण मिले। जनपद पंचायत खड़गवां के गोल्डी दास, द्वारिका प्रसाद, कलावती, बलराम, विक्की काशी, गौरव शर्मा, आशीष कुमार, अजीत कुमार, अंजना, आदित्य मलिक, अनिल कुमार, विनय सिंह, विनय कुमार निराला, पूजा सिंह सहित मनेन्द्रगढ़ जनपद के कुमारी प्रिया सिंह, श्रीमती पूनम साहू, अभिषेक टोप्पो, अलविना एक्का, राम प्रसाद सिंह, कुमारी मायावती, कुमारी प्रिया साहू, कुमारी गीत, शोभन सिंह, नरेंद्र कुमार एक्का, श्रीमती गीता केवट को सेवा से पृथक किया गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने के बाद यह कार्रवाई की गई, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
इस बीच, जनपद पंचायत भरतपुर/मनेन्द्रगढ़ के अंतर्गत आवास प्लस सर्वे में लापरवाही बरतने वाले निम्नलिखित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है:
चंद्रावती मौर्य (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), राकेश कुमार गोयल (पंचायत सचिव), अरुण मिश्रा (रोजगार सहायक), श्रीमती सकुंती बाई (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), सुनील सिंह (रोजगार सहायक), त्रिभूवन सिंह (रोजगार सहायक), ललित (डाटा एंट्री ऑपरेटर), शोभा पतवार (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), शारदा कुमारी (रोजगार सहायक), बबन सिंह (पंचायत सचिव), जय सिंह (रोजगार सहायक)।
यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और ग्रामीण विकास के लक्ष्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।